नागपुर।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध और नीट पेपर लीक मामले को लेकर नागपुर में भी युवाओं का आक्रोश देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र समूहों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने संविधान चौक पर एकजुट होकर प्रदर्शन किया। लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शन में शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की। “दमन नहीं चलेगा” और “हमारे भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को पद छोड़ना होगा” जैसे नारों से संविधान चौक गूंज उठा।
बारिश भी नहीं रोक सकी प्रदर्शन
बारिश के कारण प्रदर्शनकारियों के कपड़े भीग गए, लेकिन उनका उत्साह और आक्रोश कम नहीं हुआ। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार को चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में पूर्व सांसद प्रकाश जाधव, सागर डबरासे, विक्रम राठौड़, उमेश निकम, किशोर पराते, अपूर्वा पित्तलवार, अशोक सरस्वती, राजेंद्र साठे, प्रीति मेश्राम, रंजना पौनीकर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक प्रकरण ने देशभर के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार दमन का रास्ता अपनाती है, तब भी उनका आंदोलन जारी रहेगा।
न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा
वक्ताओं ने छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और जिम्मेदार लोग अपने पद नहीं छोड़ते, तब तक नागपुर के युवाओं का आंदोलन जारी रहेगा।

