नागपुर: शहर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच के सोशल सिक्योरिटी ब्रांच (SSB) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नंदनवन थाना क्षेत्र में एक किराए के फ्लैट में चल रहे देह व्यापार के अड्डे पर छापा मारकर पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया, जबकि दो पीड़ित महिलाओं को मुक्त कराया गया।
छापेमारी में दो आरोपी महिलाएं हिरासत में
इस कार्रवाई में पुलिस ने शालिनी उर्फ वर्षा चंद्रशेखर वंजारी (35) और अर्चना शेखर वैशंपायन (43) को हिरासत में लिया है।
दोनों आरोपी महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें नंदनवन पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
पहले भी दर्ज है मामला
जांच में सामने आया है कि आरोपी अर्चना वैशंपायन के खिलाफ पहले भी पीटा (PITA) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है। इसके बावजूद वह इस अवैध धंधे में सक्रिय थी।
किराए के फ्लैट में चल रहा था अवैध धंधा
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिलाओं ने नंदनवन क्षेत्र में एक फ्लैट किराए पर लिया था, जहां से वे शालिनी की मदद से देह व्यापार चला रही थीं।
यह पूरा नेटवर्क गुपचुप तरीके से संचालित किया जा रहा था।
गरीब महिलाओं को पैसों का लालच देकर फंसाया जाता था
आरोपी महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर युवतियों और महिलाओं को पैसों का लालच देकर इस धंधे में धकेल रही थीं।
हर सौदे के लिए ग्राहकों से करीब 3000 रुपये वसूले जाते थे, जबकि पीड़ित महिलाओं को केवल 1000 रुपये ही दिए जाते थे।
गुप्त सूचना पर रचा गया सटीक प्लान
एसएसबी को इस अवैध गतिविधि की गोपनीय जानकारी मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस निरीक्षक दर्शन पाटील के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया।
एक पंटर (डमी ग्राहक) को भेजकर सौदा तय कराया गया।
रंगेहाथ पकड़ी गई आरोपी महिलाएं
जैसे ही आरोपी महिलाओं ने पीड़ित महिला को पंटर के पास भेजा, उसी समय पुलिस टीम ने छापा मारकर दोनों आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
इस दौरान दो पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई दीपक अग्रवाल और डॉ. अभिजीत पाटील के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस रैकेट से और कौन-कौन जुड़े हैं।

