नागपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग स्टाफ की सतर्कता से उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचाया गया। संदिग्ध परिस्थितियों में नजर आने के बाद रेलवे कर्मचारियों ने पूछताछ की और मामले की जानकारी चाइल्ड हेल्पलाइन को दी। इसके बाद बच्ची को सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के हवाले कर दिया गया।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर टिकट चेकिंग के दौरान दिखी बच्ची
घटना उस समय सामने आई जब मुख्य टिकट निरीक्षक (CTI) ममता राव प्लेटफॉर्म नंबर-1 स्थित फुट ओवर ब्रिज के एस्केलेटर गेट के पास टिकट जांच कर रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर एक नाबालिग लड़की पर पड़ी। बच्ची की परिस्थितियां संदिग्ध लगने पर उन्होंने उससे पूछताछ शुरू की।
बच्ची ने कहा- माता-पिता की हो चुकी है मौत
पूछताछ के दौरान बच्ची ने शुरुआत में बताया कि उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। उसके इस बयान पर टिकट चेकिंग स्टाफ को संदेह हुआ। इसके बाद कर्मचारियों ने मामले की गहराई से जांच करते हुए बच्ची के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया।
सत्यापन में सामने आया सच
परिजनों से संपर्क और जानकारी के सत्यापन के बाद पता चला कि बच्ची के माता-पिता जीवित हैं। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने बच्ची की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी।
चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से GRP को सौंपा गया
चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधियों की सहायता से 14 वर्षीय लड़की को सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के हवाले कर दिया गया। पुलिस और संबंधित अधिकारी अब आवश्यक कार्रवाई के साथ बच्ची को उसके परिवार से मिलाने की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता से टली संभावित अनहोनी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती है। समय रहते हस्तक्षेप किए जाने से नाबालिग बच्ची को रेलवे स्टेशन पर किसी संभावित असुरक्षित या जोखिम भरी स्थिति का सामना करने से बचाया जा सका।

