नागपुर: कामठी तहसील के खैरी गांव के नान्हे परिवार पर मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसे के रूप में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वरुड के पास तेज रफ्तार कार का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। हादसा इतना भीषण था कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सदस्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
मृतकों में समाधान किशन नान्हे (61), बहू किरण गोपाल नान्हे (28) और 3 वर्षीय मासूम दिया गोपाल नान्हे शामिल हैं। वहीं, गोपाल समाधान नान्हे (34) गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
शादी में शामिल होने निकला परिवार, सफर बना आखिरी यात्रा
खैरी की विनायक कॉलोनी में रहने वाला नान्हे परिवार अकोला में रिश्तेदार की शादी में शामिल होने जा रहा था। इसी दौरान वरुड के पास एक मोड़ पर चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और कार सीधे पेड़ से जा भिड़ी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आगे की सीट पर बैठे समाधान नान्हे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि किरण और मासूम दिया ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। खेल-कूद की उम्र में दिया की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
गांव में पसरा मातम
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस को भी तत्काल सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक तीन लोगों की जान जा चुकी थी।
जैसे ही हादसे की खबर खैरी गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। खुशियों में डूबा परिवार एक पल में बिखर जाने से ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
रिटायरमेंट के बाद के सपने एक पल में टूटे
समाधान नान्हे एक साल पहले ही नौकरी से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने कामठी की विनायक कॉलोनी में नया डुप्लेक्स घर लिया था और परिवार के साथ शांत जीवन बिताने का सपना देखा था। लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
बताया जा रहा है कि उनका बड़ा बेटा दीपक नान्हे आकाशवाणी नागपुर में कार्यरत है। इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मूल गांव में होगा अंतिम संस्कार
नान्हे परिवार मूल रूप से अकोला जिले के अडसूल फाटा का रहने वाला है। जिस गांव में परिवार शादी के लिए जा रहा था, अब वहीं अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।
समाधान नान्हे, किरण नान्हे और मासूम दिया का अंतिम संस्कार अडसूल फाटा में किया जाएगा।
बड़ा बेटा संयोग से बच गया
इस हादसे में परिवार का बड़ा बेटा दीपक नान्हे संयोग से बच गया। वह दो दिन पहले अपनी पत्नी के साथ बाहर गया हुआ था। मंगलवार सुबह जब वह घर लौटा तो घर पर ताला लगा मिला।
परिवार के सभी सदस्य शादी में जा चुके थे, इसलिए उसने पड़ोसी के यहां मोबाइल चार्ज कर काम पर चला गया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद हादसे की खबर मिलते ही उसकी जिंदगी बदल गई। एक ही पल में परिवार उजड़ जाने से हर कोई स्तब्ध है।

