नागपुर: शहर के सराफा बाजार में उस समय हड़कंप मच गया, जब कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर आठ सराफा व्यापारियों को धमकी भरे पत्र भेजे जाने का मामला सामने आया। इन पत्रों के जरिए प्रत्येक व्यापारी से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई है। रकम नहीं देने पर व्यापारियों को गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी गई है।
डाक के जरिए भेजे गए धमकी भरे पत्र
जानकारी के अनुसार, आठ सराफा व्यापारियों को डाक के माध्यम से धमकी भरे पत्र भेजे गए हैं। पत्रों में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। आरोपियों ने व्यापारियों को धमकाते हुए कहा है कि यदि उन्होंने मांगी गई रकम नहीं दी, तो उन्हें गोली मार दी जाएगी।
तीन से पांच दिनों के भीतर फिरौती देने का अल्टीमेटम
धमकी भरे पत्रों में व्यापारियों को अलग-अलग समयसीमा दी गई है। कुछ व्यापारियों को तीन दिन, जबकि अन्य को पांच दिन के भीतर 10 लाख रुपये की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
पत्रों में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े हालिया गोलीबारी मामले जैसी वारदात को अंजाम देने की धमकी भी दी गई है।
दुकान के बाहर ‘जय श्रीराम’ लिखने का निर्देश
धमकी देने वालों ने फिरौती देने के इच्छुक व्यापारियों को एक विशेष निर्देश भी दिया है। पत्र में कहा गया है कि जो व्यापारी रकम देने के लिए तैयार हैं, वे अपनी दुकान के बाहर ‘जय श्रीराम’ लिखें। इसके बाद उन्हें फिरौती की रकम पहुंचाने के संबंध में आगे की जानकारी देने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचा मामला
इस घटना से सराफा व्यापारियों में चिंता का माहौल है। खासकर त्योहारों के व्यस्त सीजन में इस तरह की धमकियों ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के संज्ञान में यह मामला लाया है।
इसके अलावा, सराफा व्यापारियों के संगठन ने नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल से मुलाकात कर व्यापारियों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
पुलिस जांच शुरू, लॉरेंस बिश्नोई गैंग की भूमिका की पड़ताल
पुलिस ने व्यापारियों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही किसी भी तरह का धमकी भरा पत्र, फोन कॉल या संदिग्ध संदेश मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
मामले में पुलिस प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है और धमकी भरे पत्र भेजने वालों की पहचान करने के लिए जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस फिरौती प्रकरण में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की वास्तव में कोई भूमिका है या नहीं।
फिलहाल, धमकी देने वाले व्यक्तियों की पहचान नहीं हो पाई है। इस घटना ने त्योहारों के सीजन में नागपुर के सराफा कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

