नागपुर: नगरसेवक शुभम मोटघरे के घर पर 26 अगस्त की मध्यरात्रि हुई फायरिंग के मामले में नागपुर अपराध शाखा को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुजरात और छत्तीसगढ़ से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। हालांकि, इस मामले का मुख्य सूत्रधार अभी भी फरार है।
घर पर फायरिंग से मचा था हड़कंप
26 अगस्त की मध्यरात्रि दो आरोपी मोटरसाइकिल से नगरसेवक शुभम मोटघरे के घर पहुंचे थे। इनमें से एक ने गोली चलाई, जो घर की गैलरी की रेलिंग के कांच से टकराई और उसमें छेद हो गया। घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।
500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने आसपास के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही एआई तकनीक और मोबाइल के तकनीकी विश्लेषण की मदद ली गई। पुलिस ने 30 से 40 अलग-अलग आपराधिक गिरोहों से जुड़े करीब 200 अपराधियों से पूछताछ भी की।
जांच में आरोपियों के गुजरात और छत्तीसगढ़ भागने की जानकारी मिलने के बाद अपराध शाखा की अलग-अलग टीमें वहां भेजी गईं।
गुजरात और छत्तीसगढ़ से 7 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गुरुवार रात कार्रवाई करते हुए अंकुश झनक तोमस्कर, अमित मधुकर ठाकरे, ऋषभ उर्फ छोट्या विशाल नागदेवे, रोमित उर्फ पुल्ल्या मुनेश्वर वाहने, कांछा उर्फ ऋषभ भगवती पैथल, केतन दुर्गाप्रसाद माटे और कार्तिक बबलू तोमस्कर को गिरफ्तार किया।
सभी आरोपियों को नागपुर लाया गया है। अदालत से आरोपियों का सात दिन का पुलिस रिमांड (पीसीआर) हासिल किया गया है।
कुख्यात अपराधी ‘फल्ली’ पर मुख्य सूत्रधार होने का शक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुख्यात अपराधी ‘फल्ली’ के मुख्य सूत्रधार होने का संदेह है। उसके खिलाफ 46 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
जांच में यह आशंका सामने आई है कि मोटघरे द्वारा फल्ली और उसके साथी की एमडी तस्करी की सूचना पुलिस को दिए जाने का आरोपियों को शक था। इसी वजह से मोटघरे को डराने के लिए फायरिंग की सुपारी दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मकसद हत्या करना नहीं बल्कि पैर पर गोली चलाकर भय पैदा करना था।
मोबाइल चैट से मिले सुपारी के सुराग
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से चैट भी मिली है, जिससे सुपारी दिए जाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य सूत्रधार ने अपनी महिला मित्र के माध्यम से आरोपियों तक सुपारी पहुंचाई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले 50 हजार रुपये अमित ठाकरे के माध्यम से दिए गए थे, जबकि बाकी रकम वारदात के बाद देने की बात तय होने का संदेह है।
कुख्यात अपराधी के कार्यालय में साजिश रचने का शक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फायरिंग की साजिश कुख्यात मटका किंग बावाजी के कार्यालय में रचे जाने की भी जानकारी सामने आई है। वारदात से पहले सभी आरोपी वहां एकत्र हुए थे। पुलिस के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल ऋषभ उर्फ छोट्या नागदेवे चला रहा था, जबकि अंकुश ने फायरिंग की। हालांकि, इस संबंध में जांच अभी जारी है।
मुख्य सूत्रधार और चार आरोपी अब भी फरार
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने बताया कि मुख्य सूत्रधार के साथ उसकी महिला मित्र समेत चार आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश जारी होने के कारण पुलिस ने फिलहाल मुख्य आरोपी और फरार आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
आरोपियों पर लगेगा मकोका
पुलिस के प्राथमिक जांच में वारदात संगठित तरीके से अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। इसके चलते आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अपराध शाखा की टीम को 25 हजार रुपये का इनाम
मामले का पर्दाफाश करने में अपराध शाखा के एसीपी वैभव जाधव और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस आयुक्त ने टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

