नागपुर: शहर के मनीषनगर क्षेत्र में रविवार सुबह एक तरुणी के अपहरण की अफवाह ने सनसनी फैला दी। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए एक वीडियो में लाल रंग की कार में बैठी युवती मदद के लिए चिल्लाती नजर आई, जिससे इलाके में भय और भ्रम का माहौल बन गया। हालांकि, बेलतरोडी पुलिस ने महज एक घंटे के भीतर जांच कर पूरे मामले का सच सामने ला दिया।
अफवाह ने बढ़ाई चिंता, वीडियो हुआ वायरल
मनीषनगर इलाके में एक लाल रंग की कार में युवती के कथित अपहरण का वीडियो सामने आया। वीडियो में युवती मदद के लिए चिल्लाते हुए दिखाई दे रही थी, जबकि चालक तेज और लापरवाही से वाहन चला रहा था। इस दृश्य को देखकर स्थानीय नागरिकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना का वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।
मित्रों के बीच विवाद निकला मामला
पुलिस जांच में सामने आया कि युवती शिवाणी (बदला हुआ नाम) और युवक रोहित एक-दूसरे के परिचित हैं। जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले दोनों के बीच दुचाकी वाहन के नुकसान को लेकर विवाद हुआ था। अगले दिन रोहित (आरोपी) अपनी कार MH-31-GA-6740 लेकर शिवाणी को मनाने पहुंचा, जहां उसकी एक अन्य सहेली भी मौजूद थी। बातचीत के दौरान फिर से विवाद बढ़ गया।
कार में हुआ विवाद, युवती ने मचाया शोर
चर्चा के दौरान जब विवाद बढ़ा, तो शिवाणी ने कार से उतरने की कोशिश की। इस पर रोहित (आरोपी) ने उसे रोकने का प्रयास किया और उसी दौरान कार की गति बढ़ा दी। इससे घबराकर युवती ने जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया, जिसे आसपास के लोगों ने अपहरण की घटना समझ लिया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला मामला
प्रभूनगर इलाके से गुजरते समय एक नागरिक ने युवती की आवाज सुनकर पुलिस को सूचना दी। पास के एक दुकान के CCTV कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई, जिसकी मदद से पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सच्चाई आई सामने
सूचना मिलते ही बेलतरोडी पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि कार रोहित ने किसी अन्य व्यक्ति से उधार ली थी। इसके बाद पुलिस सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन ट्रेस कर शिवाणी के घर पहुंची, जहां पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि यह अपहरण नहीं बल्कि दोस्तों के बीच का विवाद और मजाक था।
पुलिस की अपील: अफवाहों पर न करें भरोसा
पुलिस ने स्पष्ट किया कि अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी जानकारी की पुष्टि किए बिना उस पर विश्वास न करें और अफवाह फैलाने से बचें।

