नागपुर: लकड़गंज पुलिस थाने में वर्ष 2021 में दर्ज चोरी के मामले में अदालत ने कुख्यात आरोपी नरेश अंकालू महिलांगे (34) को छह साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पुलिस के अनुसार, मामले में वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और प्रभावी अभियोजन की अहम भूमिका रही।
डीजे-2 अदालत ने सुनाया फैसला
यह फैसला नागपुर की डीजे-2 अदालत ने सत्र प्रकरण क्रमांक 6477/2021 में सुनाया। यह मामला लकड़गंज पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 15/2021 से संबंधित है। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 380, 457, 411, 413, 414 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
नागपुर सेंट्रल जेल में बंद है आरोपी
पुलिस के मुताबिक, 34 वर्षीय नरेश अंकालू महिलांगे कलमना पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत डिप्टी सिग्नल के पास पुजारामा वाड़ी का निवासी है। फिलहाल वह नागपुर सेंट्रल जेल में बंद है।
महाराष्ट्र के कई जिलों में आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड
पुलिस ने आरोपी को आदतन चोर बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ नागपुर शहर, नागपुर ग्रामीण और महाराष्ट्र के कई अन्य जिलों में चोरी सहित विभिन्न अपराधों के मामले दर्ज हैं। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में उसके खिलाफ मामलों की संख्या कहीं करीब 80, तो विस्तृत विवरण में लगभग 120 बताई गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से इन मामलों की सटीक संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर रात के समय बंद घरों को निशाना बनाता था। चोरी के बाद दूसरे इलाके, जिले या राज्य में चले जाने की बात भी सामने आई है। नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान उसके निशाने पर रहते थे।
मकोका और अन्य निवारक कानूनों के तहत भी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका), तड़ीपार की कार्रवाई और महाराष्ट्र खतरनाक गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम (एमपीडीए) के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है। उसके खिलाफ गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर, अमरावती, अकोला और यवतमाल सहित कई जिलों में मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। कुछ मामलों में उसके वांछित रहने की बात भी पुलिस ने कही।
सीसीटीवी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से जांच को मिली मजबूती
लकड़गंज पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, रासायनिक विश्लेषक (सीए) की रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक सामग्री जुटाई। पुलिस ने गवाहों की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास किए। इसके बाद एकत्रित साक्ष्यों को आरोपपत्र और सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सरकारी पक्ष ने प्रभावी ढंग से रखा मामला
अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता साई खेडकर ने पैरवी की। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह साल के कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ नागपुर पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। जांच में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मुकुंद कावड़े और सहायक पुलिस निरीक्षक राजेंद्र सानप सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने भूमिका निभाई।
संदिग्ध गतिविधि दिखने पर 112 पर सूचना देने की अपील
नागपुर पुलिस ने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों और चोरी की घटनाओं की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। किसी आपात स्थिति में नागरिक 112 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।

