नागपुर विभाग में 23 अक्टूबर को सुबह 8 से शाम 4 बजे तक मतदान; 6 जिलों में 445 मतदान केंद्र तैयार, 2,535 राज्यकर्मी और केंद्र के 476 अधिकारी तैनात
नागपुर: नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर प्रचार अभियान समाप्त हो गया है। अब शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इस चुनाव में विभाग के छह जिलों के कुल 2,55,603 पंजीकृत स्नातक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव मैदान में कांग्रेस के एडवोकेट अभिजीत वंजारी, भाजपा के सुधाकर कोहले सहित कुल 38 उम्मीदवार हैं। मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।
चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। पूरे विभाग में कुल 445 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सबसे अधिक 246 केंद्र नागपुर जिले में हैं।
2.55 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
नागपुर विभाग के छह जिलों में कुल 2,55,603 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1,47,280 पुरुष, 1,08,301 महिलाएं और 22 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, नागपुर में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि गडचिरोली में सबसे कम मतदाता पंजीकृत हैं। इस लिहाज से नागपुर जिले की भूमिका चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, अन्य पांच जिलों के मतदाताओं की भागीदारी भी अंतिम नतीजों को प्रभावित करेगी।
किस जिले में कितने मतदाता और मतदान केंद्र?
नागपुर विभाग के छह जिलों में मतदाताओं और मतदान केंद्रों का विवरण इस प्रकार है:
- नागपुर: 1,44,466 मतदाता और 246 मतदान केंद्र
- चंद्रपुर: 32,262 मतदाता और 58 मतदान केंद्र
- गोंदिया: 22,176 मतदाता और 39 मतदान केंद्र
- वर्धा: 21,742 मतदाता और 41 मतदान केंद्र
- भंडारा: 21,349 मतदाता और 35 मतदान केंद्र
- गडचिरोली: 13,608 मतदाता और 26 मतदान केंद्र
इन आंकड़ों के मुताबिक, नागपुर जिले में विभाग के कुल मतदाताओं का सबसे बड़ा हिस्सा है। वहीं, गडचिरोली में मतदाताओं की संख्या सबसे कम है।
अभिजीत वंजारी और सुधाकर कोहले समेत 38 उम्मीदवार मैदान में
नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कुल 38 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। प्रमुख उम्मीदवारों में कांग्रेस के एडवोकेट अभिजीत वंजारी और भाजपा के सुधाकर कोहले शामिल हैं।
इसके अलावा समाजवादी गणराज्य पार्टी के अतुल देशमुख, जो शिक्षक भारती से जुड़े हैं, वंचित बहुजन आघाड़ी के मंगेश वानखेडे तथा निर्दलीय उम्मीदवार संजय थूल और नितेश कराले भी चुनाव मैदान में हैं।
प्रचार समाप्त होने के बाद अब उम्मीदवारों की नजर मतदान पर है। मतदाताओं का समर्थन किसे मिलता है, इसका फैसला मतदान और मतगणना के बाद होगा।
2,535 राज्यकर्मी और केंद्र के 476 अधिकारी तैनात
चुनाव को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर कर्मचारियों की नियुक्ति की है। छह जिलों में मतदान प्रक्रिया के संचालन के लिए राज्य सरकार के 2,535 अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार के 476 अधिकारियों को भी चुनाव कार्य में लगाया गया है। गडचिरोली जिले के लिए केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के 32 अधिकारी उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रशासन ने मतदान दलों की तैनाती और आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारी पूरी कर ली है, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान कराने की तैयारी
चुनाव निर्णय अधिकारी तथा विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी के अनुसार, मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक मानव संसाधन का नियोजन पूरा कर लिया गया है।
प्रशासन की ओर से मतदान के दिन संभावित समस्याओं को रोकने और व्यवस्था सुचारु रखने के लिए जरूरी तैयारियां की गई हैं।
27 अक्टूबर को होगी मतगणना
मतदान शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। परिणाम सामने आने के बाद स्पष्ट होगा कि नागपुर विभाग के स्नातक मतदाताओं ने किस उम्मीदवार पर भरोसा जताया है।
अब सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की नजर मतदान प्रतिशत और मतगणना पर टिकी है।

