मतगणना के दिन ही नागपुर खंडपीठ में सुनवाई
नागपुर विभागीय पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से जुड़ा मामला मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को चर्चा में है। एक ओर नागपुर के मानकापुर स्थित विभागीय क्रीड़ा संकुल में मतगणना हो रही है, वहीं दूसरी ओर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में सुनवाई निर्धारित है। इस घटनाक्रम पर पदवीधर मतदाताओं और चुनाव से जुड़े लोगों की नजरें टिकी हैं।
यह याचिका आरटीआई फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रा. सचिन काळबांडे ने दाखिल की है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फलके और राज वाकोडे के समक्ष होनी है।
मतदाता सूची में 8,400 दोहरी प्रविष्टियों का आरोप
प्रा. सचिन काळबांडे ने दावा किया है कि नागपुर विभागीय पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में लगभग 8,400 दोहरी प्रविष्टियां पाई गई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम समयसीमा तक नागपुर विभाग में 98,782 आवेदन लंबित थे।
याचिकाकर्ता ने मतदाता सूची में कथित खामियों और अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया की वैधता पर आपत्ति जताई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
डिप्लोमा और डी.फार्म धारकों के नाम शामिल करने पर भी आपत्ति
याचिका में मतदाता सूची में डिप्लोमा और डी.फार्म धारकों को शामिल किए जाने पर भी आपत्ति उठाई गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के बावजूद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। उन्होंने इन आधारों पर चुनाव रद्द करने की मांग की है।
अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख पर सवाल
प्रा. काळबांडे ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर सरकारी पक्ष के कथनों और चुनाव प्रशासन के बयानों में विसंगति होने का आरोप लगाया है।
उनके अनुसार, अदालत में सरकारी वकील ने अंतिम मतदाता सूची दिसंबर 2025 में प्रकाशित होने की जानकारी दी थी। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता का कहना है कि 10 अक्टूबर को चुनाव अधिकारी रचना इंदूरकर ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख तय नहीं होने और संबंधित काम जारी रहने की बात कही थी।
इन कथित विसंगतियों को आधार बनाकर याचिकाकर्ता ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
मतपेटियों की सुरक्षा और सीसीटीवी बंद होने का दावा
मतपेटियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि 25 अक्टूबर को मतपेटियां सुरक्षित रखे जाने वाले स्थान पर 14 से 15 सीसीटीवी कैमरे करीब डेढ़ घंटे तक बंद थे। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि और कैमरे बंद रहने के कारणों की जानकारी उपलब्ध समाचार सामग्री में स्पष्ट नहीं है।
मानकापुर मतगणना केंद्र पर प्रशासनिक तैयारियां पूरी
नागपुर के मानकापुर स्थित विभागीय क्रीड़ा संकुल में मतगणना के लिए टेबलों की व्यवस्था, आवश्यक सामग्री और अन्य प्रशासनिक तैयारियां पूरी किए जाने की जानकारी दी गई है। मतगणना और हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के घटनाक्रम पर अब पदवीधर मतदाताओं की नजरें टिकी हैं।
चुनाव रद्द करने की मांग पर अदालत के रुख का इंतजार
प्रा. सचिन काळबांडे ने कथित अनियमितताओं के आधार पर नागपुर विभागीय पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव रद्द करने की मांग की है। अब इस मामले में अदालत की सुनवाई और आगे होने वाली न्यायिक कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर अदालत का क्या रुख रहता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।

