नागपुर, 7 अप्रैल – सुनील सरोदे
उपभोक्ता अधिकार संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही ‘ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन’ (GDKF) का तीसरा स्थापना दिवस मंगलवार को शंकरनगर स्थित श्री साई सभागृह में उत्साहपूर्वक मनाया गया। महज तीन वर्षों में संस्था ने 21 राज्यों में 3,600 स्वयंसेवकों के साथ विस्तार करते हुए प्रभावशाली कार्य किया है।
कार्यक्रम के दौरान ‘दक्षता की वाट’ मार्गदर्शिका तथा ‘भाई आया रे गैस सिलेंडर’ जनजागरूकता गीत का विमोचन किया गया। इस पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर का वजन जांचने, लीकेज की जांच करने, एक्सपायरी डेट देखने और सही बिलिंग सुनिश्चित करने के प्रति जागरूक करना है।
संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन सोलंके ने कहा कि “छोटे से संकल्प से शुरू हुई यह पहल आज एक व्यापक आंदोलन बन चुकी है। उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए जमीनी स्तर पर काम करना ही हमारा लक्ष्य है।”
पिछले तीन वर्षों में संस्था ने पुलिस और आपूर्ति विभाग के सहयोग से आठ राज्यों में 2,160 छापेमारी की। इस दौरान घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग के 19,500 मामलों की पहचान कर 3,450 स्थानों पर कालाबाजारी रोकने में सफलता हासिल की गई। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में OTP/DAC प्रणाली लागू कराने में भी संस्था ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा 175 जिलों तक जनजागरूकता अभियान पहुंचाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. विलास डांगरे ने युवाओं के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसी संस्थाओं की आज बेहद आवश्यकता है। रामटेक के सांसद श्यामकुमार बर्वे ने गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने में संस्था के योगदान को सराहा।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष सचिन शिंपी ने गैस दुर्घटनाओं में मिलने वाले बीमा संरक्षण की जानकारी देते हुए ‘दक्षता की वाट’ पुस्तक के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व सांस्कृतिक मंत्री यशवंतराव निकोसे ने उपभोक्ता अधिकारों को शिक्षा में शामिल करने की आवश्यकता जताई।
कार्यक्रम में भाजपा नागपुर शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी, पूर्व उपमहापौर किशोर कुमेरिया, ग्राहक आयोग के सदस्य बालकृष्ण चौधरी तथा नापतोल विभाग के अधिकारी विनोद झोडापे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
संस्था के पदाधिकारियों में सचिव जगदीश ठवरे, कोषाध्यक्ष गणेश सोलंके, सदस्य सुनील सरोदे, कार्यकारी संचालक शुभम रंगारी, प्रकल्प प्रमुख रामेश्वर लष्करे, राज्य समन्वयक पायल मानकर, मुख्य संपर्क अधिकारी राशी मेश्राम और विधि सलाहकार प्राजक्ता मेश्राम सहित अन्य का सक्रिय योगदान रहा।
कार्यक्रम का संचालन अमोल शेडे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन संदीप गुप्ता ने किया। ‘किशोर नृत्य निकेतन, पुणे’ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य ने कार्यक्रम में रंगत भर दी। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को ‘दक्षता रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ।

