नागपुर: दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित ‘महाराष्ट्र बंद’ का असर गुरुवार को नागपुर में जोरदार तरीके से देखने को मिला। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के समर्थन से संविधान चौक आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन गया। पुलिस ने पूरे दिन कड़ी सुरक्षा और धरपकड़ अभियान चलाया, लेकिन शाम होते-होते बड़ी संख्या में युवाओं ने सभी बाधाओं को पार करते हुए संविधान चौक पर फिर से कब्जा कर लिया और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
दिल्ली के समर्थन में नागपुर बना आंदोलन का केंद्र
दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में पिछले कई दिनों से नागपुर का संविधान चौक आंदोलन का केंद्र बना हुआ है। बुधवार देर रात तक छात्र यहां डटे रहे। गुरुवार को महाराष्ट्र बंद के आह्वान के चलते पुलिस ने पूरे दिन चौक की घेराबंदी कर आंदोलनकारियों को एकत्र होने से रोकने का प्रयास किया। अलग-अलग समूहों में पहुंच रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों में भरकर ले जाया गया।
शाम को बदला माहौल, युवाओं ने संभाली कमान
शाम करीब 4:30 बजे स्थिति पूरी तरह बदल गई। सैकड़ों युवाओं का जत्था सड़कों पर उतर आया और बैरिकेड्स के बाहर सरकार विरोधी जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। भीड़ बढ़ने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। आखिरकार हालात को देखते हुए पुलिस को पीछे हटना पड़ा और बैरिकेड्स हटाकर आंदोलनकारियों को संविधान चौक में प्रवेश देना पड़ा।
राष्ट्रगान के साथ हुआ आंदोलन का समापन
युवाओं ने एक बार फिर संविधान चौक को आंदोलनकारियों से भर दिया। शाम करीब 7 बजे राष्ट्रगान के साथ आंदोलन का समापन किया गया। साथ ही शुक्रवार शाम 4 बजे इससे भी बड़े आंदोलन का आह्वान किया गया।
दिनभर चला पुलिस का धरपकड़ अभियान
पुलिस ने पूरे दिन संविधान चौक को छावनी में तब्दील कर दिया था। जानकारी के अनुसार 10 से 12 पुलिस वाहनों में भरकर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
पुलिस की विशेष सुरक्षा व्यवस्था
स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे।
- वॉटर कैनन की तैनाती की गई।
- आंसू गैस के गोले तैयार रखे गए।
- मोबाइल सर्विलांस वैन के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई।
- रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
हंगामे में युवती और एएसआई घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आंदोलन के दौरान एक असामाजिक तत्व द्वारा पेड़ की शाखा फेंके जाने से वह एक युवती के सिर पर गिर गई, जिससे वह घायल हो गई। इस दौरान बीच-बचाव करते समय सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (ASI) विनोद तिवारी भी सड़क पर गिरकर घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के कार्यकर्ताओं को भी लिया गया हिरासत में
महाराष्ट्र बंद को कई राजनीतिक दलों और संगठनों का समर्थन मिला। रामदास आठवले के नेतृत्व वाली रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन में भाग लिया। बाळू घरडे के नेतृत्व में इंदोरा चौक पर प्रदर्शन किया गया, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
समता सैनिक दल ने संभाली व्यवस्था
संविधान चौक पर पुलिस के साथ समता सैनिक दल के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने में सहयोग किया। वसंतराव नाईक महाविद्यालय के पास कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनने पर दल के कार्यकर्ताओं ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर कुछ युवकों को हिरासत में लेकर वहां से हटाया। आंदोलन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के बेहोश होने पर समता सैनिक दल के कार्यकर्ताओं ने उसकी मदद की और प्राथमिक देखभाल की। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की भी अपील की।

