जमीन हड़पने की धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम! 7/12 में बदलाव होते ही मोबाइल पर आएगा संदेश

नागपुर: जमीन और संपत्ति के अभिलेखों में होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए भूमि अभिलेख विभाग ने ‘ई-संदेश’ नामक डिजिटल सूचना प्रणाली शुरू की है। अब आपकी कृषि भूमि के 7/12 अभिलेख या संपत्ति पत्रक में किसी भी तरह का बदलाव या नामांतरण दर्ज होते ही इसकी जानकारी आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से भेजी जाएगी।

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जमीन हड़पने की घटनाओं में बढ़ोतरी

पिछले कुछ वर्षों में राज्य में जाली दस्तावेज, फर्जी मुख्तारनामा और नकली व्यक्ति खड़े करके जमीन हड़पने के मामले बढ़े हैं। कई बार असली जमीन मालिक को अपनी जमीन के नामांतरण की जानकारी महीनों या वर्षों बाद मिलती थी। तब तक जमीन कई अन्य लोगों के नाम पर हस्तांतरित हो चुकी होती थी।

‘ई-संदेश’ प्रणाली से मिलेगी तत्काल जानकारी

भूमि अभिलेख विभाग ने नागरिकों की संपत्ति सुरक्षित रखने और राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘ई-संदेश’ प्रणाली विकसित की है। इसे राज्य की 7/12 और ई-नामांतरण प्रणाली से जोड़ा गया है। जमीन के अभिलेख में किसी भी बदलाव की प्रक्रिया शुरू होते ही संबंधित खातेदार को मोबाइल पर सूचना मिल जाएगी।

खरीद-बिक्री से लेकर उत्तराधिकार तक मिलेगा अलर्ट

यदि जमीन की खरीद-बिक्री का दस्तावेज पंजीकृत होता है, उपहार पत्र तैयार किया जाता है, उत्तराधिकार का नाम दर्ज किया जाता है या न्यायालय के आदेश के आधार पर 7/12 अभिलेख में बदलाव की प्रक्रिया शुरू होती है, तो संबंधित जमीन मालिक को तुरंत मोबाइल संदेश प्राप्त होगा।

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फर्जी नामांतरण पर समय रहते आपत्ति दर्ज करने का अवसर

यदि कोई व्यक्ति जमीन के अभिलेख में फर्जी नामांतरण कराने का प्रयास करता है, तो जमीन मालिक को इसकी जानकारी समय रहते मिल जाएगी। इससे वह निर्धारित अवधि में आपत्ति दर्ज कराकर संभावित धोखाधड़ी को रोक सकता है।

‘महाभूमि’ पोर्टल से मोबाइल नंबर जोड़ सकेंगे

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए नागरिक ‘महाभूमि’ के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने जमीन के 7/12 अभिलेख से मोबाइल नंबर जोड़ सकते हैं। पोर्टल के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर वाले 7/12, 8-अ और नामांतरण अभिलेख भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

दूर रहने वाले जमीन मालिकों को भी मिलेगा लाभ

शहर या विदेश में रहने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी होगी। अपने गांव की जमीन से संबंधित किसी भी बदलाव की जानकारी उन्हें घर बैठे मोबाइल पर मिल सकेगी।

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‘ई-संदेश’ के प्रमुख लाभ

  • धोखाधड़ी पर रोक: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर होने वाले अवैध नामांतरण का समय रहते पता चलेगा।
  • समय की बचत: नामांतरण स्वीकृत होने से पहले आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलेगा।
  • पारदर्शिता: भूमि अभिलेख और राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • तत्काल सूचना: जमीन से जुड़े बदलाव की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिलेगी।

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