Shalarth ID Scam की जांच का दायरा बढ़ा, नागपुर संभाग के 1,397 शिक्षक रडार पर; अधिकारियों और संस्थाचालकों की भी होगी सुनवाई

2014 से हुई नियुक्तियों की होगी जांच

नागपुर संभाग में सामने आए शालार्थ आईडी घोटाले की जांच का दायरा अब और बढ़ने की संभावना है। शिक्षा आयुक्त ने 2014 से शालार्थ आईडी से जुड़े मामलों की जांच करने के निर्देश नागपुर विभागीय शिक्षण मंडल के अध्यक्ष को दिए हैं। इसके तहत इस अवधि में नियुक्त किए गए 1,397 शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जांच की जाएगी।

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व्यक्तिगत मान्यता और अन्य दस्तावेजों की होगी जांच

नागपुर विभागीय शिक्षण मंडल के अध्यक्ष शिवलिंग पटवे के अनुसार, शिक्षा आयुक्त से प्राप्त सूची के आधार पर 1,397 शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों की सुनवाई की जाएगी। इस दौरान उनकी व्यक्तिगत मान्यता की नस्ती, शालार्थ आईडी से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

मुख्याध्यापक और संस्थाचालक भी जांच के दायरे में

जांच केवल शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी। संबंधित मुख्याध्यापक, संस्थाचालक, शिक्षा विभाग के लिपिक, शिक्षा अधिकारी, शिक्षा उपसंचालक और वेतन पथक अधीक्षक भी जांच के दायरे में आएंगे। 2014 के बाद नियुक्त हुए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची शिक्षा आयुक्त ने विभागीय शिक्षण मंडल के अध्यक्ष को भेजी है।

पहले 632 शिक्षकों की नियुक्तियां संदेह के घेरे में

शालार्थ आईडी घोटाले में अब तक 2019 से जुड़े मामलों के आधार पर 632 शिक्षकों की नियुक्तियां संदिग्ध मानी गई हैं। इस मामले को लेकर न्यायालय में भी प्रकरण पहुंचा था और कुछ शिक्षकों को राहत मिलने की जानकारी सामने आई है।

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रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने वाले मामलों की भी होगी पड़ताल

सूत्रों के अनुसार, नागपुर संभाग में जिन शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों की शालार्थ आईडी तथा व्यक्तिगत मान्यता से संबंधित नस्ती उपलब्ध नहीं है, उनके मामलों की भी जांच की जाएगी। संबंधित दस्तावेजों और नियुक्ति प्रक्रिया की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।

प्रस्ताव तैयार करने वाले लिपिक भी जांच के घेरे में

शालार्थ आईडी और व्यक्तिगत मान्यता के प्रस्ताव तैयार करने वाले तत्कालीन लिपिकों को भी सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। उस समय शिक्षा विभाग और उपसंचालक कार्यालय में प्रस्तावों पर टिप्पणी तैयार करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होगी। जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की संभावना है।

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अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू हो सकती है सुनवाई

नागपुर विभागीय शिक्षण मंडल के अध्यक्ष शिवलिंग पटवे ने सोमवार को नागपुर संभाग के सभी जिलों के वेतन पथक अधीक्षकों की बैठक ली। बैठक में शिक्षा आयुक्त से प्राप्त सूची के आधार पर संबंधित शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों की सुनवाई की योजना पर चर्चा की गई। अक्टूबर के पहले सप्ताह से सुनवाई शुरू होने की संभावना है।

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