शहर में मच्छरों का प्रकोप रोकने के लिए फॉगिंग की मांग तेज; 70 हैंडहेल्ड मशीनों में करीब 20 खराब होने की जानकारी, कूलर और पानी की टंकियां भी बन सकती हैं मच्छरों का ठिकाना
नागपुर: शहर में डेंगू के बढ़ते मामलों ने नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। महज 15 दिनों में डेंगू के 62 मरीज सामने आने की जानकारी है। बढ़ते तापमान के साथ घरों में कूलर का इस्तेमाल, खुले बर्तनों में जमा पानी और निर्माण स्थलों पर पानी का ठहराव मच्छरों की पैदावार के लिए अनुकूल स्थिति बना रहा है। ऐसे में मच्छरों पर नियंत्रण के लिए फॉगिंग अभियान तेज करने की मांग उठ रही है। हालांकि, उपलब्ध फॉगिंग मशीनों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मच्छरों पर नियंत्रण के लिए फॉगिंग की मांग बढ़ी
डेंगू के मामलों में वृद्धि के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में फॉगिंग कराने की मांग बढ़ रही है। नागरिकों की शिकायत है कि मांग के अनुसार फॉगिंग मशीनें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। शहर के विस्तार और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सभी इलाकों में समय पर फॉगिंग करना चुनौती बन रहा है।
नगर निगम के पास कितनी फॉगिंग मशीनें हैं?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नागपुर महानगरपालिका के दस जोन में प्रत्येक जोन के लिए एक-एक वाहन पर लगी बड़ी फॉगिंग मशीन उपलब्ध है। इस तरह शहर में 10 वाहन-आधारित फॉगिंग मशीनें हैं। इसके अलावा लगभग 70 हैंडहेल्ड फॉगिंग मशीनें उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग गलियों और संकरी बस्तियों में किया जाता है।
हालांकि, इनमें से करीब 20 हैंडहेल्ड मशीनें खराब होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में मशीनों की मरम्मत और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी माना जा रहा है, ताकि प्रभावित इलाकों में मच्छरों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
कूलर और पानी की टंकियों में पनप सकते हैं डेंगू के मच्छर
तापमान बढ़ने के साथ घरों में कूलर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। यदि कूलर की नियमित सफाई नहीं की जाती और उसमें लंबे समय तक पानी जमा रहता है, तो मच्छरों को पनपने का मौका मिल सकता है।
इसके अलावा ओवरहेड टंकियों, बाल्टियों, फूलदानों, पुराने टायरों, बेकार डिब्बों और अन्य बर्तनों में जमा पानी भी मच्छरों की उत्पत्ति का कारण बन सकता है। इसलिए घरों और आसपास पानी जमा न होने देना तथा पानी रखने वाले बर्तनों को ढककर रखना जरूरी है।
निर्माण स्थलों पर भी डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का खतरा
शहर में कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी हैं। इन स्थलों पर गड्ढों, खुले बर्तनों और अन्य जगहों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का संभावित कारण बन सकता है। ऐसे स्थानों का नियमित निरीक्षण कर जमा पानी हटाना आवश्यक है।
विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, मच्छरों की पैदावार रोकने के लिए केवल फॉगिंग पर निर्भर रहने के बजाय पानी जमा होने वाले स्थानों को खत्म करना भी जरूरी है।
डेंगू से बचने के लिए इन सावधानियों का करें पालन
- कूलर की नियमित सफाई करें: कूलर का पानी समय-समय पर बदलें और टंकी को साफ रखें।
- पानी के बर्तन ढककर रखें: घर में पानी जमा करने वाली टंकियों और बर्तनों को खुला न छोड़ें।
- पानी जमा न होने दें: घर, छत, आंगन और आसपास के परिसर में पानी इकट्ठा न होने दें।
- कचरे का उचित निपटान करें: पुराने टायर, डिब्बे और ऐसे सामान हटाएं जिनमें पानी जमा हो सकता है।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें: मच्छरों से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और जरूरत के अनुसार मच्छररोधी क्रीम का इस्तेमाल करें।
- घर में मच्छरों का प्रवेश रोकें: खिड़कियों और दरवाजों पर जाली का इस्तेमाल करें।
फॉगिंग के साथ नियमित सफाई भी जरूरी
डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच नगर निगम की ओर से प्रभावी मच्छर नियंत्रण उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। पर्याप्त मशीनें उपलब्ध कराना, खराब मशीनों की मरम्मत करना और प्रभावित इलाकों में नियमित फॉगिंग करना महत्वपूर्ण है। साथ ही नागरिकों की भागीदारी से पानी जमा होने वाले स्थानों को खत्म करना भी जरूरी है, ताकि डेंगू के प्रसार को रोकने में मदद मिल सके।

