नागपुर: शहर के लकड़गंज थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां पुलिस का मुखबिर (खबरी) होने के शक में एक युवक की उसके ही दोस्तों ने बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महज 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान अब्दुल रहमान उर्फ रम्मु अब्दुल रज्जाक (उम्र 38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मुदलियार ले-आउट, लाल नगर, शांतिनगर का निवासी था। बताया जा रहा है कि रम्मु का संपर्क कुछ अपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों से था।
मुखबिर होने के शक में रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी परमेश्वर उर्फ ईश्वर उर्फ पेलू उर्फ पप्पू संतोष पटेल (32), राहुल अनुज उइके (19) और एक अल्पवयीन लड़का को शक था कि रम्मु पुलिस को गुप्त जानकारी देता है। इसी शक के चलते उन्होंने उसकी हत्या की साजिश रची।
दोस्ती के बहाने बुलाकर किया हमला
घटना के दिन 21 जून को सुबह 11 बजे, रम्मु अपने दोस्त परमेश्वर के साथ घर से निकला था, लेकिन वह रात तक वापस नहीं लौटा। बाद में आरोपियों ने उसे मालधक्का इलाके में ले जाकर धारदार हथियार से गले और शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार को पहले ही था खतरे का अंदेशा
मृतक के मेहुणे मोहम्मद उजैर खान ने उसे पहले ही चेतावनी दी थी कि वह इन लोगों के संपर्क में न रहे, लेकिन रम्मु ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया।
खून से लथपथ मिला शव
सोमवार सुबह रम्मु का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस को तुरंत सूचना दी गई।
SIMBA ऐप से 24 घंटे में खुलासा
पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-3 और लकड़गंज पुलिस ने तकनीकी जांच करते हुए SIMBA (Smart Investigation Management Based Application) का उपयोग किया। घटनास्थल के फोटो ऐप पर अपलोड कर मृतक की पहचान की गई और आरोपियों तक तेजी से पहुंच बनाई गई।
तीनों आरोपी हिरासत में, जांच जारी
पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों और एक नाबालिग को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि अपराध की दुनिया में शक और अविश्वास किस तरह खतरनाक रूप ले सकता है, वहीं नागपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने कानून व्यवस्था की मजबूती को भी साबित किया है।

