नागपुर: शहर के धंतोली क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार के पांच सदस्य अचानक लापता हो गए हैं। इस घटना से इलाके में हड़कंप और चिंता का माहौल बना हुआ है। लापता लोगों में एक 12 वर्षीय बालक, 21 वर्षीय युवती और तीन वयस्क सदस्य शामिल हैं।
लापता परिवार की पहचान और घटना का विवरण
धंतोली स्थित बलराज मार्ग के प्लॉट नंबर 40 पर बने ‘दुर्गा सदन’ में शिकायतकर्ता श्यामसुंदर कीमतराय परसवानी (71 वर्ष) का परिवार निवास करता है। इसी मकान में उनके दिवंगत भाई सुरेश कीमतराय परसवानी के परिवार के सदस्य भी रहते थे।
लापता व्यक्तियों में शामिल हैं:
- हर्षा सुरेश परसवानी (57 वर्ष)
- जितेंद्र सुरेश परसवानी (42 वर्ष)
- ईशिता जितेंद्र परसवानी (40 वर्ष)
- खुशी जितेंद्र परसवानी (21 वर्ष)
- कृष्णा जितेंद्र परसवानी (12 वर्ष)
जानकारी के अनुसार, ये सभी 24 जून की शाम करीब 6 बजे घर से निकले थे, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
परिजनों की तलाश और पुलिस में शिकायत
शुरुआत में परिजनों को लगा कि वे किसी रिश्तेदार के यहां गए होंगे, लेकिन जब कई दिनों तक कोई संपर्क नहीं हुआ, तो परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर खोजबीन शुरू की। काफी प्रयासों के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर 29 जून को धंतोली पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस जांच और अब तक की स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए धंतोली पुलिस ने जांच तेज कर दी है, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी लापता लोगों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस विभिन्न एंगल से मामले की जांच कर रही है।
कर्ज का दबाव या कोई और कारण?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार के एक सदस्य पर भारी कर्ज था। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि कर्जदाताओं के दबाव से बचने के लिए परिवार ने यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि पुलिस इस पहलू के साथ अन्य संभावनाओं की भी जांच कर रही है।
मोबाइल लोकेशन पुणे में मिलने से बढ़ी रहस्य की गुत्थी
जांच के दौरान एक अहम जानकारी सामने आई है कि लापता व्यक्तियों के मोबाइल की आखिरी लोकेशन पुणे में ट्रेस हुई है। इससे मामले ने और भी रहस्यमय मोड़ ले लिया है।
पुलिस का बयान
इस मामले पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विनिता साहू ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही लापता परिवार के बारे में ठोस जानकारी मिलने की उम्मीद है।
इस घटना ने नागपुर में सुरक्षा और सामाजिक परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन की नजर अब इस केस पर बनी हुई है।

