भिवापुर की सहकारी संस्था में 33.51 लाख का खाद घोटाला! 3,537 बोरी खाद की कथित हेराफेरी, तीन लोगों पर मामला दर्ज

भिवापुर: भिवापुर तालुका कृषि सहकारी खरीद-बिक्री संस्था में 33 लाख 51 हजार 50 रुपये के खाद घोटाले का मामला सामने आया है। सरकारी लेखा परीक्षण के दौरान गोदाम में स्टॉक बुक के अनुसार दर्ज खाद की बोरियों और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 3,537 खाद की बोरियों की कथित तौर पर बिक्री या गबन का खुलासा हुआ है। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

  • Save

3,537 खाद की बोरियां मिलीं गायब

संस्था के गोदाम में 31 मार्च 2024 तक स्टॉक बुक के अनुसार 4,233 खाद की बोरियां मौजूद होनी चाहिए थीं। हालांकि, 6 अप्रैल 2026 को जांच दल ने जब प्रत्यक्ष निरीक्षण किया तो गोदाम में केवल 696 बोरियां मिलीं। इस तरह 3,537 बोरियां कम पाई गईं। इनमें डीएपी समेत कुल 16 प्रकार की खाद शामिल थी।

सरकारी लेखा परीक्षण में सामने आया मामला

संस्था के वर्तमान सभापति भास्कर येंगळे की 25 सितंबर 2025 की शिकायत के आधार पर सहायक निबंधक कार्यालय ने वर्ष 2022 से 2024 की अवधि का विशेष लेखा परीक्षण कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद जांच दल ने संस्था के खाद भंडार की जांच की और स्टॉक में भारी अंतर सामने आया।

मामले में तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज

  • Save

इस मामले में मीरा विलास खोब्रागड़े (गोदाम कीपर), सुरेश नागोशे (सहायक प्रबंधक) और स्वर्गीय चरणजितसिंग अरोड़ा (तत्कालीन सभापति) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। लेखा परीक्षक सुभाष आकोलकर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है।

खाद की बिक्री को लेकर जांच में सामने आया दावा

जांच में मीरा खोब्रागड़े ने कथित तौर पर अधिकारियों को बताया कि कुछ खाद का स्टॉक सुरेश नागोशे और चरणजितसिंग अरोड़ा के निर्देश पर बेचा गया था। वहीं, लेखा परीक्षक ने अपनी शिकायत में नागोशे और अरोड़ा पर अपने नियंत्रण एवं निगरानी की जिम्मेदारी में जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

भाजपा के वर्चस्व वाली संस्था में मामला

  • Save

भिवापुर खरीद-बिक्री संस्था पर पिछले करीब 25 वर्षों से भाजपा का वर्चस्व बताया जाता है। दिवंगत चरणजितसिंग अरोड़ा लंबे समय तक संस्था के सभापति रहे थे। वर्तमान में भास्कर येंगळे सभापति हैं। मामले में आरोपी सुरेश नागोशे का संबंध भी भाजपा की स्थानीय पदाधिकारी नीलिमा नागोसे से बताया गया है। हालांकि, इन राजनीतिक संबंधों का उल्लेख मामले की पृष्ठभूमि के तौर पर किया जा रहा है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 34, 403, 406, 408, 418 और 420 के तहत मामला दर्ज किया है। थानेदार रविंद्र मस्कर के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक सचिन उरकुड़े मामले की जांच कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share via
Copy link