नागपुर में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक किसान के साथ फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए ₹19.79 लाख की ठगी कर ली गई। यह रकम किसान ने हाल ही में जमीन बेचने के बाद अपने बैंक खाते में जमा की थी, जिसे साइबर अपराधियों ने कुछ ही समय में साफ कर दिया।
पीड़ित किसान की जानकारी
पुलिस के अनुसार पीड़ित एक स्थानीय किसान है, जिसने हाल ही में अपनी जमीन बेचकर बड़ी रकम अपने कनारा बैंक (Canara Bank) खाते में जमा की थी। यह रकम उसकी जीवनभर की कमाई और संपत्ति का हिस्सा थी।
कैसे हुई साइबर ठगी
- किसान के मोबाइल पर एक फर्जी APK लिंक भेजा गया
- लिंक को डाउनलोड और इंस्टॉल करते ही फोन में मैलवेयर सक्रिय हो गया
- इसके बाद साइबर अपराधियों को मोबाइल और बैंकिंग डिटेल्स का एक्सेस मिल गया
- कुछ ही समय में खाते से ₹19.79 लाख अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए निकाल लिए गए
फर्जी ऐप बना ठगी का हथियार
साइबर ठगों ने एक नकली मोबाइल एप्लिकेशन (APK फाइल) का इस्तेमाल किया, जो देखने में असली ऐप जैसा लग रहा था। इंस्टॉल होते ही यह ऐप फोन का पूरा कंट्रोल लेकर बैंकिंग जानकारी चुरा लेता है।
बैंक खाते से तेजी से निकाली गई रकम
पीड़ित को तब ठगी का पता चला जब उसके खाते से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। जब तक वह समझ पाता, तब तक उसके खाते से पूरी रकम गायब हो चुकी थी।
पुलिस में मामला दर्ज, जांच शुरू
- नागपुर साइबर पुलिस ने इस मामले में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज किया है
- बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल ट्रेल की जांच की जा रही है
- आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास जारी हैं
बढ़ते साइबर अपराध से सावधान रहने की जरूरत
यह घटना बताती है कि आज के समय में साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, खासकर ऐसे लोग जिनके खाते में बड़ी रकम होती है।
कैसे बचें ऐसे साइबर फ्रॉड से
- किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें
- केवल Google Play Store या आधिकारिक स्रोत से ही ऐप इंस्टॉल करें
- बैंकिंग डिटेल्स और OTP किसी के साथ साझा न करें
- मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी ऐप्स का इस्तेमाल करें
नागपुर में हुई यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि थोड़ी सी लापरवाही से जीवनभर की कमाई मिनटों में गायब हो सकती है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील की है।

