गैस सिलेंडर बुकिंग अवधि बढ़ने से गृहिणियों की चिंता बढ़ी
नागपुर में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गैस वितरण कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है। इसके साथ ही बुकिंग के बाद सिलेंडर की डिलीवरी में भी कई दिनों की देरी हो रही है, जिससे गृहिणियों में नाराजगी बढ़ गई है।
35 दिन तक एक सिलेंडर चलाना बना चुनौती
उपभोक्ताओं का कहना है कि 25 दिन पूरे होने के बाद ही नई बुकिंग स्वीकार की जाती है और उसके बाद भी सिलेंडर मिलने में करीब 10 दिन का समय लग जाता है। ऐसे में एक सिलेंडर को लगभग 35 दिन तक चलाना पड़ रहा है, जो बड़े परिवारों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
चार महीने से सिलेंडर की कमी की शिकायत
शहर में पिछले चार महीनों से गैस सिलेंडर की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि प्रशासन लगातार पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं का अनुभव इससे अलग नजर आ रहा है। स्थिति बिगड़ने के साथ ही बुकिंग अवधि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया है।
पहले 15 दिन, फिर 21 और अब 25 दिन की शर्त
पहले सिलेंडर की डिलीवरी के बाद 15 दिनों तक नई बुकिंग स्वीकार नहीं की जाती थी। बाद में यह अवधि बढ़ाकर 21 दिन कर दी गई और अब इसे 25 दिन कर दिया गया है। इससे नियमित रूप से गैस का उपयोग करने वाले परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है।
उपभोक्ताओं के अनुभव ने बढ़ाई चिंता
उज्ज्वला पराते के घर 7 मई को सिलेंडर की डिलीवरी हुई थी। उन्होंने 21 दिन पूरे होने के बाद ऐप के माध्यम से बुकिंग करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें 2 जून के बाद ही बुकिंग करने का संदेश मिला। उनके पास दो सिलेंडर हैं, जिनमें से एक खत्म हो चुका है और दूसरा उपयोग में है। उन्हें आशंका है कि नई बुकिंग और डिलीवरी में लगने वाले समय के कारण गैस बीच में खत्म हो सकती है।
बड़े परिवारों पर सबसे ज्यादा असर
अनुराधा ठाकरे के परिवार में चार सदस्य हैं और एक सिलेंडर लगभग 30 दिन चलता है। लेकिन बुकिंग और डिलीवरी की कुल अवधि 35 से 40 दिन तक पहुंचने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं सुप्रिया सहस्रबुद्धे के परिवार में छह सदस्य हैं। उनके घर में एक सिलेंडर केवल 20 से 22 दिन ही चलता है। ऐसे में 25 दिन की बुकिंग सीमा लागू होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
गृहिणियों का सवाल – 25 दिन बाद बुकिंग तो डिलीवरी दो दिन में क्यों नहीं?
गृहिणियों का कहना है कि यदि सरकार और गैस कंपनियां बुकिंग के लिए 25 दिन की अनिवार्यता लागू कर रही हैं, तो सिलेंडर की डिलीवरी दो दिनों के भीतर सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका सवाल है कि बुकिंग और डिलीवरी दोनों में देरी होने का बोझ आखिर उपभोक्ताओं पर ही क्यों डाला जा रहा है।
उपभोक्ताओं ने मांगा समाधान
बढ़ती शिकायतों के बीच उपभोक्ताओं ने गैस वितरण व्यवस्था में सुधार, डिलीवरी प्रक्रिया तेज करने और बुकिंग नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि घरेलू जरूरतों को देखते हुए गैस आपूर्ति में किसी भी प्रकार की देरी सीधे आम परिवारों को प्रभावित करती है।

