नागपुर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कथित गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को नागपुर शहर एवं नागपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ने लोकभवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए 100 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
लोकभवन में प्रवेश की कोशिश पर पुलिस से हुई झड़प
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकभवन में प्रवेश करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस प्रदेश सचिव कुंदा राऊत को घसीटकर ले जाने का आरोप
कार्रवाई के दौरान कांग्रेस प्रदेश सचिव कुंदा राऊत को पुलिस द्वारा घसीटते हुए हिरासत में ले जाने का आरोप लगाया गया। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
इन प्रमुख नेताओं सहित 100 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में
पुलिस ने आंदोलन के दौरान प्रफुल्ल गुडधे, अश्विन बैस, सुनील केदार, अशोक धवड, नितिन कुंभलकर, रश्मि बर्वे, अवंतिका लेकुरवाळे, योगिता इटणकर, रीमा चव्हाण, पूजा कापसे, उषा चांदकापुरे, रूपाली मनोहर, अनिल राय, रत्नदीप रंगारी, मिथिलेश कान्हेरे, संजय जगताप, देवेंद्र गोडबोले, रवि चिखले, अजय राऊत, आसिफ शेख, गौतम अंबादे, सुहास नानवटकर, मनोज गावंडे, रामाजी उके, एड. शैलेंद्र डोरले, अभिषेक शंभरकर, मोतीराम मोहाडीकर सहित 100 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
सदर थाने और पुलिस लाइन टाकली ले जाया गया
हिरासत में लिए गए कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को सदर पुलिस स्टेशन, जबकि अन्य को पुलिस लाइन टाकली ले जाया गया। करीब एक घंटे तक हिरासत में रखने के बाद सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस घटना के बाद नागपुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया, जबकि पूरे घटनाक्रम को लेकर शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

