नागपुर जिले के कामठी तालुका से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां प्रशासन द्वारा पेट्रोल और गैस का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग नजर आ रही है। गैस एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं और भीड़ को संभालने के लिए बाउंसर तक तैनात करने पड़े हैं।
जमीनी हकीकत ने खोली प्रशासन की पोल
प्रशासन भले ही टंचाई से इनकार कर रहा हो, लेकिन एजेंसी के बाहर उमड़ी भीड़ यह साफ दिखा रही है कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
दिल दहला देने वाला दृश्य
इस अफरातफरी के बीच एक 80 साल की बुजुर्ग महिला की हालत ने सभी को भावुक कर दिया।
थकान के कारण वह खाली गैस सिलेंडर पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करती नजर आई, जो सिस्टम की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
बाउंसर तैनाती पर उठे सवाल
भीड़ को काबू में रखने के लिए गैस एजेंसी के बाहर बाउंसर तैनात किए गए हैं, जिससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नागरिकों का फूटा गुस्सा
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा:
“अगर कोई कमी नहीं है, तो इतनी लंबी कतारें क्यों? और आम जनता को संभालने के लिए बाउंसर की जरूरत क्यों पड़ रही है?”
प्रशासन पर बढ़ता दबाव
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं और आम नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। अब देखना होगा कि इस स्थिति को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

