नागपुर: शहर में लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होमगार्ड विभाग के परिमंडल अधिकारी को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने एक होमगार्ड जवान को दोबारा सेवा में लेने के बदले 30 हजार रुपये की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला – पुनर्नियुक्ति के बदले मांगी रिश्वत
- आरोपी अधिकारी की पहचान प्रदीप नागपुरे के रूप में हुई है।
- उन्होंने एक होमगार्ड जवान से पुनर्नियुक्ति दिलाने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
- यह मामला सामने आने के बाद ACB ने तुरंत जांच शुरू की
ACB का ट्रैप – शक होने पर रिश्वत लेने से किया इनकार
- ACB ने शिकायत की पड़ताल कर जाल बिछाया।
- कार्रवाई के दौरान आरोपी को शक हो गया और उसने रिश्वत की रकम स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
- बावजूद इसके, जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई।
पुलिस कार्रवाई – आरोपी को हिरासत में लिया गया
- सोमवार, 29 जून को ACB टीम ने आरोपी प्रदीप नागपुरे को हिरासत में लिया।
- उसके खिलाफ लकड़गंज पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
- आगे की जांच जारी है।
शिकायतकर्ता की कहानी – 20 साल की सेवा के बाद भी करनी पड़ी लड़ाई
- शिकायतकर्ता पिछले 20 वर्षों से होमगार्ड जवान के रूप में कार्यरत हैं।
- परेड में कम उपस्थिति के कारण उन्हें कुछ समय पहले सेवा से हटा दिया गया था।
- वर्ष 2026 में वरिष्ठ अधिकारियों की सिफारिश के बाद उन्हें दोबारा सेवा में लिया गया।
रिश्वत की मांग – सिफारिश के बदले मांगा पैसा
- आरोपी अधिकारी ने पुनर्नियुक्ति की सिफारिश के बदले 30 हजार रुपये की मांग की।
- शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए सीधे ACB में शिकायत दर्ज कराई।
- इसी शिकायत के आधार पर पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
यह मामला सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। ACB की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिला है कि रिश्वतखोरी के मामलों में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

