नागपुर: ग्रीन शेडनेट बनाने वाली कंपनी में साझेदार बनाने का झांसा देकर एक 49 वर्षीय कारोबारी से 70 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपियों ने कारोबारी को कंपनी में साझेदार नहीं बनाया और उसकी जानकारी के बिना कंपनी किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी। शिकायत के आधार पर एमआईडीसी पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
व्यवसायी को साझेदारी का दिया झांसा
शिकायतकर्ता आशुतोष नारायण पालिवाल (49), निवासी वर्धमाननगर की पहचान आरोपी मनोज दादूवाल चुघ से थी। चुघ लिहिगांव-कापसी क्षेत्र में स्थित श्री गणेश एग्रोोटेक नामक ग्रीन शेडनेट निर्माण कंपनी का कारोबार देखता था।
कंपनी में निवेश के नाम पर लिए 70 लाख
शिकायत के अनुसार, कंपनी आर्थिक संकट में थी और उस पर बैंक का कर्ज भी था। आरोपियों ने पालिवाल को कंपनी दोबारा शुरू करने की बात बताई और कच्चा माल खरीदने के लिए निवेश की जरूरत बताते हुए उन्हें कंपनी में साझेदार बनने का प्रस्ताव दिया।
आरोपियों पर भरोसा करके पालिवाल ने सितंबर 2022 से मार्च 2023 के बीच कंपनी में कुल 70 लाख रुपये का निवेश किया।
रकम लेने के बाद साझेदार नहीं बनाया
आरोप है कि 70 लाख रुपये लेने के बाद आरोपियों ने पालिवाल को कंपनी में साझेदार नहीं बनाया। इसके बजाय बिना जानकारी दिए कंपनी किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई। इससे पालिवाल को अपने साथ धोखाधड़ी होने का पता चला।
रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी
पालिवाल ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
एमआईडीसी पुलिस ने दीपक भगवानदास आहुजा, तिलक भगवानदास आहुजा और मनोज दादूवाल चुघ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 506(2) और 34 के तहत मामला दर्ज किया है।
कंपनी की बिक्री और 70 लाख के लेनदेन की जांच
पुलिस अब 70 लाख रुपये के कथित लेनदेन के दस्तावेज, कंपनी के स्वामित्व और साझेदारी से संबंधित अभिलेख तथा कंपनी की बाद में हुई बिक्री के दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पूरे मामले में कथित धोखाधड़ी किस तरह की गई।

