मुंबई: खरीफ सीजन में हुई अनियमित बारिश और बाढ़ से किसानों को बड़े पैमाने पर हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने एक बार फिर राहत पैकेज की घोषणा की है। आपदा से प्रभावित किसानों के लिए घोषित किए गए कुल 31 हजार करोड़ रुपये के पैकेज में से पहले चरण में 19,463 करोड़ रुपये की सहायता को मंजूरी दी गई थी। अब 663 करोड़ रुपये के नए चरण को भी मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिल गई है।
नागपुर में आज से शुरू हो रहे विधानसभा के हिवाळी अधिवेशन (शीतकालीन सत्र) में किसान सहायता के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरू नये, यासाठी यह पूरी प्रक्रिया तेजी से पूरी की गई। मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलते ही राहत एवं पुनर्वासन मंत्री मकरंद जाधव ने तुरंत शासन निर्णय पर हस्ताक्षर कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी।
सरकार की ओर से अब तक 20,126 करोड़ रुपये की निधि वितरण को मंजूरी दी जा चुकी है, लेकिन पूरी राशि अभी किसानों के खातों में जमा नहीं हो पाई है। राज्य सरकार का दावा है कि अब तक 95% किसानों को सहायता का लाभ मिल चुका है, लेकिन अब भी करीब साढ़े छह लाख किसानों की ई-केवाईसी लंबित होने के कारण उनका भुगतान अटका हुआ है।
नवंबर के अंत तक किसानों के खातों में 13,601 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके थे। बाकी राशि के लिए जिलाधिकारी कार्यालयों के माध्यम से प्रक्रिया जारी है, लेकिन ई-केवाईसी पूर्ण न होने से वितरण में देरी हो रही है। ऐसे में भले ही राहत विभाग ने नयी सहायता को तुरंत मंजूरी दे दी हो, लेकिन जिला स्तर पर राशि जल्द वितरित किए जाने की आवश्यकता बढ़ गई है।
सरकार के इस नए निर्णय से अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है और अधिवेशन में सरकार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी।

