पारशिवनी, नागपुर: नागपुर जिले की पारशिवनी पुलिस ने बिना रॉयल्टी रेत का परिवहन करने वालों के खिलाफ दो अलग-अलग कार्रवाइयां करते हुए दो ट्रैक्टर जब्त किए हैं। बाभूलवाड़ा और पारशिवनी शहर में की गई इन कार्रवाइयों में चार ब्रास रेत सहित कुल 8 लाख 71 हजार रुपये का माल जब्त किया गया। पुलिस ने दोनों मामलों में ट्रैक्टर चालकों और मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहली कार्रवाई: पारशिवनी शहर में ट्रैक्टर पकड़ा
पुलिस के अनुसार, रविवार, 25 अक्टूबर को गश्त के दौरान पारशिवनी क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने निगरानी शुरू की। इसी दौरान एमएच-40/बीजे-8380 क्रमांक का ट्रैक्टर दिखाई दिया। उसे रोककर तलाशी लेने पर एमएच-40/डीई-0837 क्रमांक की ट्रॉली में रेत मिली।
दस्तावेजों की जांच में रेत का परिवहन बिना रॉयल्टी किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कर ट्रैक्टर चालक सूर्यभान महीपतराव तिरकमठे (50), निवासी पालोरा, तहसील पारशिवनी, और ट्रैक्टर मालिक खुशाल महादेव बडवाईक, निवासी पारशिवनी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इस कार्रवाई में ट्रैक्टर और ट्रॉली की कीमत 3.50 लाख रुपये तथा एक ब्रास रेत की कीमत 6 हजार रुपये आंकी गई। पुलिस ने कुल 3 लाख 56 हजार रुपये का माल जब्त किया।
दूसरी कार्रवाई: बाभूलवाड़ा में भी अवैध रेत परिवहन का खुलासा
सोमवार, 26 अक्टूबर को पारशिवनी पुलिस ने दूसरी कार्रवाई करते हुए एमएच-40/सीएच-7795 क्रमांक का ट्रैक्टर रोका। ट्रैक्टर से जुड़ी बिना नंबर वाली ट्रॉली की जांच करने पर उसमें रेत मिली। दस्तावेजों की जांच में रॉयल्टी के बिना रेत परिवहन किए जाने की बात सामने आई।
पुलिस ने ट्रैक्टर चालक संदीप यशवंत भागडकर, निवासी बाभूलवाड़ा, तहसील पारशिवनी, और मालिक बालू सोनटक्के, निवासी पारशिवनी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इस मामले में ट्रैक्टर और ट्रॉली की कीमत 5 लाख रुपये, ट्रॉली में मिली एक ब्रास रेत की कीमत 5 हजार रुपये और घर के पास मिली दो ब्रास रेत की कीमत 10 हजार रुपये बताई गई। इस तरह पुलिस ने कुल 5 लाख 15 हजार रुपये का माल जब्त किया।
पेंच नदी के रेत घाट तक जाने वाला रास्ता जेसीबी से बंद
अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को पारशिवनी तहसील के गरांडा क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान एक खेत में नहर के किनारे मिट्टी डालकर बनाया गया रास्ता मिला, जो पेंच नदी के रेत घाट तक जाता था।
अधिकारियों को संदेह था कि इस रास्ते का इस्तेमाल रेत की चोरी कर परिवहन करने के लिए किया जा सकता है। इसके बाद जेसीबी की मदद से रास्ते को खोदकर उसमें बड़े गड्ढे बनाए गए और उसे पूरी तरह बंद कर दिया गया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान नदी का प्रवाह बदलने या रेत चोरी किए जाने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) और 49, महाराष्ट्र भूमि राजस्व अधिनियम की संबंधित धाराओं, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धाराओं तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है।
दोनों कार्रवाइयां थानेदार किशोर शेरकी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कीं। पुलिस अब मामलों की जांच कर रही है।

