नागपुर के अजनी चौक स्थित कलर्स हॉस्पिटल में तीन वर्षीय बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर और नर्सों के साथ मारपीट की, अस्पताल के कंप्यूटर तोड़ दिए और महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़ दिए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अस्पताल प्रशासन की ओर से धंतोली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
हिंगणा की तीन वर्षीय बच्ची की बिगड़ी थी तबीयत
जानकारी के अनुसार, हिंगणा निवासी तीन वर्षीय बच्ची को परिजन मंगलवार, 6 अक्टूबर को एक वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ के क्लिनिक में लेकर पहुंचे थे। क्लिनिक में भीड़ होने के कारण बच्ची की जांच करीब दो घंटे बाद हुई। उसे दस्त होने की शिकायत थी। जांच के बाद डॉक्टर ने दवाएं लिखकर घर ले जाने की सलाह दी।
तबीयत बिगड़ने पर कलर्स हॉस्पिटल में कराया भर्ती
बुधवार रात बच्ची को सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिजन उसे तत्काल संबंधित बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले जाने के बजाय गुरुवार सुबह हिंगणा के एक स्थानीय डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने उसे तुरंत नागपुर ले जाने की सलाह दी।
इसके बाद परिजन बच्ची को बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले गए। जांच के बाद डॉक्टर ने उसे तत्काल कलर्स हॉस्पिटल में भर्ती कराने की सलाह दी। अस्पताल में बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण उसे पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
बच्ची की मौत के बाद PICU में घुसे परिजन
अस्पताल में उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद कुछ परिजन आक्रोशित हो गए और सीधे PICU में प्रवेश कर गए। उन्होंने बच्ची की मौत के लिए डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराते हुए कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी।
डॉक्टरों को बचाने के लिए आगे आईं नर्सों और अन्य डॉक्टरों के साथ भी धक्कामुक्की किए जाने का आरोप है।
कंप्यूटर में तोड़फोड़, महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़े
हंगामे के दौरान अस्पताल के कंप्यूटर तोड़ दिए गए और महत्वपूर्ण कागजात फाड़े जाने की जानकारी सामने आई है। घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और नाराज परिजनों को शांत कराया। बताया गया है कि परिजन आवश्यक अनुमति की प्रक्रिया पूरी किए बिना बच्ची का शव घर ले गए।
धंतोली पुलिस थाने में शिकायत की प्रक्रिया शुरू
इस मामले में कलर्स हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से धंतोली पुलिस थाने में परिजनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया गुरुवार देर रात तक जारी थी। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस जांच और शिकायत के आधार पर की जाएगी।
डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
हाल ही में एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना के बाद अब इस मामले ने चिकित्सा क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।

