नागपुर के कई इलाकों में जलापूर्ति बाधित होने से नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है। महानगरपालिका ने रखरखाव और मरम्मत कार्य के लिए 36 घंटे का जलापूर्ति शटडाउन घोषित किया था, लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में 72 घंटे बाद भी नलों से पानी नहीं आया। घरों में जमा पानी खत्म होने के बाद लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ा। स्थिति यह रही कि 30 से 40 रुपये में मिलने वाला पानी का कैन 60 रुपये तक खरीदना पड़ा।
पेंच जलशुद्धिकरण केंद्रों के रखरखाव के लिए लिया गया था शटडाउन
नागपुर महानगरपालिका ने नवेगांव खैरी पंपिंग स्टेशन तथा पेंच-1 और पेंच-4 जलशुद्धिकरण केंद्रों में रखरखाव और मरम्मत के लिए शटडाउन घोषित किया था। योजना के अनुसार, 7 अक्टूबर को दोपहर 3 से 4 बजे तक जलापूर्ति सामान्य होनी थी। हालांकि, निर्धारित समय बीतने के बाद भी कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई।
भगवाननगर के वॉटर एटीएम पर लगी कतारें
दक्षिण नागपुर के भगवाननगर स्थित वॉटर एटीएम पर गुरुवार सुबह से ही नागरिकों की भीड़ जुट गई। लोगों को पीने के पानी के लिए पैसे खर्च करने पड़े। बेसा नगर पंचायत क्षेत्र के वॉटर एटीएम पर भी नागरिक पानी भरने पहुंचे।
पानी के कैन के दाम बढ़ने से नागरिक परेशान
पानी की मांग बढ़ने के साथ निजी विक्रेताओं द्वारा कैन के दाम बढ़ाए जाने की शिकायतें सामने आईं। नागरिकों के अनुसार, जो कैन पहले 30 से 40 रुपये में मिलता था, उसके लिए 60 रुपये तक चुकाने पड़े। कई लोग ऑटो और दोपहिया वाहनों से कैन लाकर पानी की व्यवस्था करते दिखाई दिए।
बोरवेल के पानी से पूरी करनी पड़ी जरूरतें
रानी दुर्गावतीनगर की उज्ज्वला गोंडाणे ने बताया कि मंगलवार को जमा किया गया पानी गुरुवार तक खत्म हो गया। इलाके में दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण उन्हें पड़ोसियों के बोरवेल से पानी लेना पड़ा।
गोधनी की संगीता जाधव के अनुसार, मोबाइल पर 8 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक जलापूर्ति शुरू होने का संदेश मिला था। लेकिन पानी नहीं आने से उन्हें पीने के लिए कैन खरीदना पड़ा। घर के अन्य कामों के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं था।
न्यू अमरनगर में दो टैंकरों पर खर्च हुए 2,000 रुपये
न्यू अमरनगर की वैशाली गिरी ने बताया कि उनकी इमारत में रहने वाले 12 परिवारों के लिए जमा किया गया पानी दूसरे ही दिन खत्म हो गया। बुधवार को 2,000 रुपये खर्च कर दो पानी के टैंकर मंगवाने पड़े। गुरुवार को भी टैंकर की जरूरत बनी रही।
प्रेरणानगर, महालक्ष्मीनगर, म्हाळगीनगर और न्यू सुभेदार लेआउट सहित दक्षिण नागपुर के कई इलाकों में नागरिकों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
कई इलाकों में वॉटर एटीएम बंद होने की शिकायत
प्रभाग 29 के म्हाळगीनगर, नवीन म्हाळगीनगर, गजानननगर, महात्मा गांधी नगर, विनायक नगर, सन्मार्ग नगर, संतोषीनगर और नरसाळा के नागरिकों ने भी पानी की समस्या की शिकायत की।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन क्षेत्रों में लगाए गए कई वॉटर एटीएम बंद हैं। रामभाऊ म्हाळगी क्षेत्र में पहले मौजूद वॉटर एटीएम को हटाकर वहां स्कूल का कमरा बना दिया गया है। नवीन म्हाळगीनगर की करीब 2,500 लोगों की आबादी वाले क्षेत्र में बोरवेल की सुविधा नहीं होने से संकट और गंभीर हो गया।
इसके अलावा, सीवरेज और नालियों के निर्माण कार्य के कारण कुछ कुओं का पानी दूषित होने की शिकायत भी नागरिकों ने की है।
शटडाउन खत्म होने के बाद भी जलापूर्ति पर सवाल
जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव के लिए लिया गया शटडाउन कई इलाकों में तीन दिन के संकट में बदल गया। नागरिकों को पानी खरीदने, टैंकर मंगाने और वैकल्पिक स्रोत तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस स्थिति ने महानगरपालिका की जलापूर्ति योजना और वैकल्पिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब नागरिकों को नियमित जलापूर्ति बहाल होने का इंतजार है।

