एसआईआर की प्रारूप सूची में गड़बड़ी का आरोप
महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी प्रारूप मतदाता सूची को लेकर रामटेक लोकसभा क्षेत्र में सवाल उठाए गए हैं। सांसद श्याम बर्वे ने दावा किया है कि क्षेत्र में 25,801 डुप्लीकेट मतदाता प्रविष्टियां सामने आई हैं। उन्होंने अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले इन रिकॉर्ड की गहन जांच कराने की मांग की है। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर SIR-2026 की प्रारूप सूची और ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
कामठी में सबसे अधिक डुप्लीकेट रिकॉर्ड का दावा
श्याम बर्वे के अनुसार, रामटेक लोकसभा क्षेत्र की छह विधानसभा सीटों में कथित डुप्लीकेट रिकॉर्ड का विवरण इस प्रकार है:
- कामठी विधानसभा: 11,900
- हिंगणा: 7,085
- सावनेर: 1,994
- काटोल: 1,780
- उमरेड: 1,720
- रामटेक: 1,322
इन आंकड़ों का कुल योग 25,801 होता है। ये आंकड़े सांसद श्याम बर्वे द्वारा लगाए गए दावे पर आधारित हैं।
नाम, फोटो और मैपिंग में विसंगतियों का आरोप
बर्वे ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिली शिकायतों की जांच के दौरान मतदाता सूची में कई तरह की कथित विसंगतियां सामने आईं। इनमें मतदाताओं के नामों में त्रुटियां, नए फोटो अपडेट नहीं होना, मैपिंग में गड़बड़ी और एन्युमरेशन फॉर्म (EF Form) से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।
नए फोटो देने के बावजूद पुराने फोटो का दावा
बर्वे के अनुसार, कई मतदाताओं ने नए फोटो जमा किए थे, लेकिन प्रारूप मतदाता सूची में कथित तौर पर पुराने फोटो ही दिखाई दे रहे हैं। कुछ मामलों में फोटो उपलब्ध नहीं होने की शिकायत भी सामने आने की बात कही गई है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ रिकॉर्ड में मैपिंग या EF फॉर्म की जानकारी दर्ज नहीं होने के बावजूद मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल हैं।
डुप्लीकेट रिकॉर्ड की जांच की मांग
सांसद ने विधानसभा और मतदान केंद्र स्तर पर कथित डुप्लीकेट रिकॉर्ड की जांच कराने, मैपिंग प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच करने तथा EF फॉर्म और प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का मिलान कराने की मांग की है। उन्होंने जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग रखी।
जिलाधिकारी को ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस की ओर से इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है। बर्वे ने कहा कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कथित त्रुटियों का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
महाराष्ट्र में SIR की प्रारूप मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित की गई थी और दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के तहत जारी है।

