कोराडी: नागपुर जिले के प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान, कोराडी के विकास को राज्य सरकार के फैसले से बड़ी गति मिलने वाली है। राज्य मंत्रिमंडल ने तीर्थक्षेत्र विकास आराखड़े के तहत विकसित की गई सरकारी जमीन संस्थान को 30 वर्षों के लिए महज 1 रुपये के नाममात्र किराये पर देने को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में फैसला
यह महत्वपूर्ण निर्णय मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथिगृह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। राजस्व विभाग के अनुसार, यह मंजूरी महाराष्ट्र जमीन महसूल अधिनियम, 1966 की धारा 40 और सरकारी जमीन के निपटारे से संबंधित 1971 के नियमों के प्रावधानों के तहत दी गई है।
संस्थान को मिलेगा दीर्घकालीन प्रशासनिक आधार
विदर्भ के प्रमुख श्रद्धास्थलों में शामिल कोराडी मंदिर में नवरात्रोत्सव और विभिन्न पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सरकार के इस फैसले से संस्थान को दीर्घकालीन प्रशासनिक आधार मिलेगा और तीर्थक्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ होगा।
बुनियादी सुविधाओं और सौंदर्यीकरण को मिलेगी गति
सरकारी जमीन उपलब्ध होने से मंदिर परिसर में बुनियादी सुविधाओं, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इससे आने वाले समय में कोराडी तीर्थक्षेत्र को और अधिक सुविधासंपन्न बनाने में मदद मिलेगी।
30 साल बाद नवीनीकरण का भी प्रावधान
सरकार के निर्णय के अनुसार, 30 वर्ष की लीज अवधि पूरी होने के बाद संस्थान की मांग पर नियमों के अनुसार पट्टे का नवीनीकरण किया जा सकेगा। इसके लिए आवश्यक अधिकार नागपुर जिलाधिकारी को दिए गए हैं।

