नागपुर: शहर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने डीजे और म्यूजिक सिस्टम संचालकों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने करीब 300 डीजे एवं म्यूजिक सिस्टम संचालकों को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने पर 5 वर्ष तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
थानों को दिए गए डेसिबल मीटर
ध्वनि प्रदूषण के स्तर की निगरानी के लिए शहर के सभी पुलिस थानों को निर्धारित मानकों के अनुसार कैलिब्रेटेड डेसिबल मीटर उपलब्ध कराए गए हैं। इनके माध्यम से तेज आवाज करने वाले डीजे और म्यूजिक सिस्टम पर कार्रवाई की जाएगी।
डीजे में बेस साउंड पर विशेष नियंत्रण
डीजे संचालकों को तेज बेस साउंड से बचने और ध्वनि व्यवस्था को दो टॉप तथा दो मिड्स तक सीमित रखने की सलाह दी गई है। पुलिस के अनुसार, तेज बेस की आवाज से बुजुर्गों और आसपास रहने वाले नागरिकों को गंभीर परेशानी हो सकती है।
लेजर लाइट और तेज संगीत से सावधानी की अपील
पुलिस ने तेज संगीत के साथ इस्तेमाल होने वाली लेजर लाइट को लेकर भी सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक तेज ध्वनि और लेजर लाइट का मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

