नागपुर पुलिस ने आदतन अपराधियों के खिलाफ बड़ी निवारक कार्रवाई करते हुए पांच बदमाशों को जिले से तड़ीपार करने का आदेश दिया है। इनमें शिबू गैंग के तीन सदस्य भी शामिल हैं। यह कार्रवाई जोन-4 की पुलिस उपायुक्त (DCP) रश्मिता राव ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए की है।
शिबू गैंग के तीन सदस्य दो साल के लिए तड़ीपार
सेबेस्टियन उर्फ शिबू राफेल एंथनी (32), सचिन प्रदीप वासनिक (35) निवासी जटाटरोड़ी-इंदिरानगर और अभिषेक रविंद्र बोरकर (30) को दो साल के लिए नागपुर जिले से तड़ीपार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, तीनों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, धमकी, जबरन वसूली और अपहरण जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था।
प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद नहीं सुधरा आचरण
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ पहले भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी, लेकिन उनके व्यवहार में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ। इसके बाद इमामबाड़ा पुलिस ने तड़ीपारी का प्रस्ताव तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा। प्रस्ताव के आधार पर DCP रश्मिता राव ने तड़ीपारी के आदेश जारी किए।
लकी छह साल के लिए नागपुर से बाहर
प्रियांशु उर्फ लकी मोहन ठाकरे (21) निवासी रामबाग को सबसे लंबी अवधि के लिए छह साल तक नागपुर जिले से तड़ीपार किया गया है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और डकैती की तैयारी जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े मामले दर्ज हैं।
रवि उर्फ ऋषि हड़के भी दो साल तड़ीपार
रवि उर्फ ऋषि भाऊराव हड़के (24) निवासी उंटखाना को भी दो साल के लिए जिले से बाहर किया गया है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ लूट, हत्या का प्रयास, छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे मामले दर्ज हैं।
आदतन अपराधियों को सख्त संदेश
पुलिस के अनुसार, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद रवि हड़के आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा। इसके चलते उसके खिलाफ तड़ीपारी की कार्रवाई की गई। पांचों आरोपियों पर तय अवधि के दौरान नागपुर जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
पुलिस की इस कार्रवाई को आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था को खतरा पैदा करने वाले अपराधियों के खिलाफ ऐसी निवारक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

