नागपुर जिले में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत उमरेड विभाग ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले में पहला स्थान हासिल किया है। उमरेड, भिवापुर और कुही तीनों तालुकों में 395 बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया।
2.52 लाख मतदाताओं के आवेदन प्रमाणित
उमरेड विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,99,747 मतदाता दर्ज थे। इनमें से 2,52,232 मतदाताओं (84.15%) के गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण और सत्यापन पूरा कर लिया गया है। इससे आगे की चुनावी प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
47,515 मतदाता अनकलेक्टेबल
सर्वेक्षण के दौरान 47,515 मतदाताओं (15.85%) के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके। इनमें 11,801 मृत मतदाता पाए गए, जबकि 29,509 मतदाताओं के स्थायी रूप से स्थानांतरित होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा करीब 4,000 मतदाताओं के नाम दोहरी सूची में पाए गए, जबकि 62 मतदाताओं ने प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया।
395 BLO और 38 पर्यवेक्षकों ने संभाली जिम्मेदारी
SIR अभियान के लिए विभाग में 10 सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ARO) नियुक्त किए गए थे। इनके नेतृत्व में 38 पर्यवेक्षक और 395 BLO सहित आंगनवाड़ी सेविका, कोतवाल, आशा कार्यकर्ता, पुलिस पाटील तथा स्थानीय निकायों के कर्मचारियों की टीम ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया।
आज आवेदन जमा करने का आखिरी मौका
मतदाताओं को गणना प्रपत्र जमा करने के लिए 17 अगस्त तक एक और मौका दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, जिन मतदाताओं के आवेदन जमा नहीं होंगे, उनके नाम 24 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्राथमिक प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।
नाम छूटने पर फॉर्म-6 से दोबारा पंजीकरण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो मतदाता वर्तमान में क्षेत्र में रह रहे हैं, लेकिन प्रारूप सूची में उनका नाम नहीं आता है, वे फॉर्म नंबर-6 के माध्यम से अपना नाम दोबारा मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं।
उमरेड तालुका में 82.60 प्रतिशत आवेदन प्रमाणित
उमरेड तालुका में कुल 1,27,149 मतदाताओं में से 1,05,068 (82.60%) मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्रमाणित किए गए हैं। वहीं, 22,081 मतदाता अनकलेक्टेबल पाए गए हैं।

