नागपुर जिले के पचखेड़ी क्षेत्र में सड़क के गड्ढों के कारण एक गंभीर हादसा सामने आया है। पचखेड़ी-करंडला-गोठणगांव मार्ग पर गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण किसान ज्ञानिराम बावणे और उनके बेटे की दोपहिया वाहन से गिरकर दुर्घटना हो गई। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन का संतुलन बिगड़ा
पचखेड़ी-गोठणगांव मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इसी दौरान किसान ज्ञानिराम बावणे अपने बेटे के साथ दोपहिया वाहन से जा रहे थे। सड़क पर मौजूद गड्ढे का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण उनका वाहन असंतुलित हो गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हुए।
14.25 लाख रुपये का टेंडर, फिर भी काम शुरू नहीं
पचखेड़ी-गोठणगांव मार्ग की मरम्मत के लिए 14 लाख 25 हजार रुपये का टेंडर 8 जनवरी 2026 को मंजूर किया गया था। लेकिन टेंडर मंजूर होने के करीब सात महीने बाद भी सड़क की मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका है। इससे सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
जंगल सफारी के पर्यटकों से लेकर विद्यार्थियों तक की आवाजाही
यह मार्ग केवल स्थानीय ग्रामीणों के लिए ही नहीं, बल्कि जंगल सफारी के पर्यटकों, किसानों और स्कूली विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस सड़क से आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गड्ढों के कारण बस सेवा भी बंद
सड़क की बदहाल स्थिति का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा है। गड्ढों के कारण इस मार्ग पर बस सेवा बंद हो गई है। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
पीडब्ल्यूडी ने दो दिन में मरम्मत का दावा किया
पीडब्ल्यूडी कुही की उपअभियंता प्रगति माटे ने बताया कि बारिश से पहले सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन बारिश के कारण दोबारा गड्ढे हो गए। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को दो दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत करने के निर्देश दिए जाएंगे।
सरपंच ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की
गोठणगांव के सरपंच मुकेश मारबते ने सड़क की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सड़क पर केवल नाममात्र के लिए गिट्टी डाली गई है। यदि ठेकेदार काम नहीं कर रहा है तो उसे तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए।
लापरवाही से बढ़ रहा हादसों का खतरा
सड़क की मरम्मत में हो रही देरी और जगह-जगह बने गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। किसान पिता-पुत्र के घायल होने की घटना ने पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली और सड़क मरम्मत की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

