नागपुर में BHMS डॉक्टरों को CCMP पंजीकरण देने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और निवासी डॉक्टरों के संगठन MARD की हड़ताल से गुरुवार को स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। निजी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं तक प्रभावित होने से विदर्भ के साथ मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना से इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
500 से अधिक छोटी-बड़ी सर्जरी प्रभावित
हड़ताल के चलते नागपुर में एक दिन में 500 से अधिक छोटी-बड़ी सर्जरी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई। कई मरीजों को अस्पतालों से वापस लौटना पड़ा, जबकि कुछ अस्पतालों और डॉक्टरों ने गंभीर मरीजों का इलाज जारी रखा।
मेयो-मेडिकल में 100 से अधिक ऑपरेशन टले
निवासी डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मेयो और मेडिकल अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। नेत्र, ईएनटी, अस्थिव्यंग और सामान्य सर्जरी विभागों में 100 से अधिक नियोजित ऑपरेशन आगे बढ़ाए गए।
मेयो-मेडिकल की ओर दौड़े मरीज
निजी अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित होने के बाद बड़ी संख्या में मरीजों ने मेयो और मेडिकल अस्पतालों का रुख किया। यहां भी निवासी डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ओपीडी और आईपीडी सेवाओं पर दबाव बढ़ गया। इमरजेंसी विभाग में मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
600 डॉक्टरों ने संभाली जिम्मेदारी
मेडिकल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे के अनुसार, निवासी डॉक्टरों की हड़ताल के बीच वरिष्ठ डॉक्टरों, प्रोफेसरों और गैर-क्लिनिकल विभागों के डॉक्टरों समेत करीब 600 डॉक्टरों को मरीजों की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनकी सहायता के लिए एमबीबीएस तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को भी लगाया गया।
1,668 मरीजों का OPD में इलाज
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, शाम 5 बजे तक 1,668 मरीजों का ओपीडी में उपचार किया गया। इस दौरान 21 बड़ी और 3 छोटी सर्जरी भी की गईं। वरिष्ठ डॉक्टरों की मदद से अस्पताल की सेवाओं को काफी हद तक सुचारू रखने में सफलता मिली।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हड़ताल वापस
मुंबई हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए निवासी डॉक्टरों और IMA के डॉक्टरों को तत्काल सेवाओं पर लौटने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के बाद IMA और MARD ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। MARD ने राज्यभर के निवासी डॉक्टरों से तत्काल काम पर लौटने का आह्वान किया।
MARD प्रमुख मांगों पर अब भी कायम
हड़ताल वापस लेने के बावजूद MARD ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी प्रमुख मांगों से पीछे नहीं हटा है। संगठन के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ जल्द होने वाली चर्चा के बाद आंदोलन की आगे की दिशा और अंतिम भूमिका तय की जाएगी।

