नागपुर: हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश ने नागपुर महानगरपालिका (मनपा) के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 20 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया स्थापत्य एवं प्रकल्प समिति की सभापति अश्विनी जिचकार का नया केबिन महज कुछ दिनों की बारिश में ही जलभराव और रिसाव की चपेट में आ गया। स्थिति ऐसी बनी कि लाखों रुपये का नया फर्नीचर खराब हो गया और उसे कबाड़ में फेंकना पड़ा।
20 लाख खर्च कर फरवरी में तैयार हुआ था केबिन
जानकारी के अनुसार, मनपा की पुरानी इमारत में स्थित स्थापत्य एवं प्रकल्प समिति की सभापति अश्विनी जिचकार के केबिन का इसी वर्ष फरवरी में लगभग 20 लाख रुपये खर्च कर नवीनीकरण किया गया था। केबिन को आधुनिक सुविधाओं और महंगे फर्नीचर से सुसज्जित किया गया था।
चार दिन की बारिश में दीवारों से टपका पानी, फर्नीचर हुआ बर्बाद
हालिया भारी बारिश के दौरान केबिन में पानी भरने लगा और दीवारों से रिसाव शुरू हो गया। बारिश का पानी कार्यालय, एंटी चैंबर और शौचालय तक पहुंच गया। इसके चलते महंगा फर्नीचर पूरी तरह खराब हो गया, जिसे हटाकर कचरे में फेंकना पड़ा।
फर्श और दीवारें तोड़कर शुरू की गई मरम्मत
रिसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए केबिन की टाइल्स, फर्श और दीवारों को तोड़कर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। सीलन और जल रिसाव रोकने के लिए ग्राउटिंग सहित अन्य तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यकारी अभियंता को नहीं थी घटना की जानकारी
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मनपा के इमारत देखभाल एवं दुरुस्ती विभाग की कार्यकारी अभियंता अल्पना पाटने को इस घटना की जानकारी तक नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्हें जलभराव और रिसाव की सूचना नहीं मिली थी। उनके अनुसार, पुरानी इमारत होने के कारण केवल सौंदर्यीकरण और नया फर्नीचर लगाया गया था, जबकि भवन के मूल ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया।
महापौर ने अधिकारियों से मांगा जवाब
महापौर नीता ठाकरे ने कहा कि पुरानी इमारत में संरचनात्मक बदलाव सीमित हो सकते हैं, लेकिन मरम्मत और रंगरोगन के दौरान रिसाव जैसी समस्याओं को रोकने के प्रयास किए जाने चाहिए थे। उन्होंने संबंधित अभियंताओं से इस मामले में जवाब तलब करने की बात कही।
सभापति अश्विनी जिचकार ने दी जानकारी
अश्विनी जिचकार ने बताया कि केबिन में लगातार जलभराव और रिसाव की सूचना लोककर्म विभाग को दे दी गई है। फिलहाल मरम्मत कार्य जारी है। जब तक काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक वह सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर के कक्ष से अपने नियमित कार्यों का संचालन कर रही हैं।

