नागपुर के मानकापुर हत्या प्रकरण में चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस द्वारा पहले आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया युवक अब पूरी तरह निर्दोष पाया गया है, जबकि असली आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस की जल्दबाजी और जांच में हुई चूक अब चर्चा का विषय बन गई है।
पहले गिरफ्तार युवक निकला निर्दोष
हत्या के बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रोहित हरिप्रसाद गौतम (25) को आरोपी मानकर गिरफ्तार किया था।
उसे क्राइम ब्रांच यूनिट 5 ने हिरासत में लेकर मानकापुर पुलिस के हवाले किया था।
हालांकि आगे की जांच में यह स्पष्ट हो गया कि रोहित गौतम का इस हत्या से कोई संबंध नहीं है, जिससे पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
असली आरोपी का नाम आया सामने
जांच में नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने असली आरोपी के रूप में सागर उपासराव कुंभरे (27), निवासी नरसाला को गिरफ्तार किया।
अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि हत्या के पीछे असली मकसद क्या था और आरोपी ने वारदात को कैसे अंजाम दिया।
सीसीटीवी फुटेज ने किया गुमराह
पुलिस ने शुरुआत में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की थी।
फुटेज में दिखाई दे रहा संदिग्ध व्यक्ति रोहित गौतम से मिलता-जुलता नजर आ रहा था, जिसके कारण उसे आरोपी मान लिया गया।
लेकिन आगे की जांच में यह साबित हुआ कि हत्या किसी अन्य व्यक्ति ने की थी, जिससे CCTV पर आधारित पहचान गलत साबित हुई।
जल्दबाजी में कार्रवाई पड़ी भारी
हत्या के बाद आरोपी को जल्द पकड़ने के दबाव में पुलिस ने घिसाडघाई (जल्दबाजी) में कदम उठाए, जिसका नतीजा यह रहा कि एक निर्दोष युवक को जेल जाना पड़ा।
अब इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
हत्या की घटना का विवरण
यह हत्या 4 जुलाई को मानकापुर थाना क्षेत्र में हुई थी, जिसमें मेहताबसिंह सोहनलाल चौधरी (43) नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी।
मृतक पेशे से निर्माण मिस्त्री था और घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पुलिस की आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने असली आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पहले की गई कार्रवाई में किस स्तर पर चूक हुई, ताकि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।

