नागपुर: शहर में बढ़ते अपराध पर रोक लगाने के लिए नागपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस ने ऐसे युवाओं और किशोरों को काउंसलिंग दी, जो अभी अपराध रिकॉर्ड में नहीं हैं लेकिन अपराधियों के संपर्क में पाए गए हैं। इस पहल का नेतृत्व एडिशनल सीपी विनिता साहू ने किया।
कपिल नगर थाना में आयोजित किया गया विशेष कार्यक्रम
नागपुर पुलिस द्वारा यह विशेष काउंसलिंग कार्यक्रम कपिल नगर पुलिस स्टेशन में आयोजित किया गया। इसमें उन युवाओं को शामिल किया गया, जो अपराधी तत्वों के संपर्क में आने के खतरे में हैं।
अपराध से दूर रहने और भविष्य बनाने की अपील
काउंसलिंग के दौरान पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को शिक्षा जारी रखने, स्किल डेवलपमेंट कोर्स करने और वैध रोजगार अपनाने की सलाह दी। साथ ही उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पुलिस उनके उज्जवल भविष्य के लिए हर संभव मदद करेगी।
नशा, हथियार और गैंग से जुड़ाव के खतरे समझाए
कार्यक्रम में युवाओं को विशेष रूप से नशे की लत, हथियार रखने और गैंग से जुड़ने के गंभीर परिणामों के बारे में बताया गया। पुलिस ने समझाया कि ऐसे रास्ते पर चलने से लंबे समय तक कानूनी और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ता है।
अपराधी कैसे फंसाते हैं युवाओं को – बड़ा खुलासा
एडिशनल सीपी विनिता साहू ने बताया कि आदतन अपराधी (हिस्ट्रीशीटर) अक्सर कम उम्र के युवाओं और किशोरों को अपने जाल में फंसाते हैं।
उन्होंने कहा कि ये अपराधी युवाओं का इस्तेमाल मारपीट, उगाही, ड्रग तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों में करते हैं, जबकि खुद पीछे रहते हैं।
दोहरी रणनीति से अपराध पर लगाम
पुलिस ने साफ किया कि वह दोहरी रणनीति पर काम कर रही है—
- खतरनाक अपराधियों पर सख्त कार्रवाई
- युवाओं को अपराध की दुनिया में जाने से रोकना
यह पहल पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे-पाटिल के मार्गदर्शन में चल रही है, जिसका उद्देश्य अपराध की जड़ पर प्रहार करना है।
समय रहते रोकेंगे तो घटेगा भविष्य का अपराध
विनिता साहू ने कहा कि अगर सही समय पर हस्तक्षेप कर युवाओं को अपराध से दूर किया जाए, तो भविष्य में अपराध की घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है और अपराधी गैंग की भर्ती प्रणाली कमजोर होगी।
रोकथाम आधारित पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
नागपुर पुलिस की यह पहल प्रिवेंटिव पुलिसिंग (रोकथाम आधारित कार्रवाई) का हिस्सा है, जिसमें सिर्फ अपराध होने के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसे रोकने पर फोकस किया जा रहा है।
निष्कर्ष:
नागपुर पुलिस का यह प्रयास न सिर्फ युवाओं को सही दिशा देने की कोशिश है, बल्कि यह शहर में अपराध के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की रणनीति का अहम हिस्सा भी माना जा रहा है।

