नागपुर: शहर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्लॉट बेचकर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में बेलतरोड़ी पुलिस ने आरोपी अमोल मधुकर मोकाशी और आरोपी ममता विनायकराव रायदास के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
फर्जी कागजों से की गई प्लॉट की बिक्री
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने बनावट (फर्जी) दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट की बिक्री कर पीड़ित के साथ ठगी की। कागजों की जांच में यह खुलासा हुआ कि प्लॉट की डील पूरी तरह नकली दस्तावेजों पर आधारित थी।
13 लाख रुपये में बेचा गया प्लॉट
तांडापेठ निवासी भास्कर गुलाबराव बारापात्रे (उम्र 55 वर्ष) ने आरोपियों से मौजा बेसा क्षेत्र में स्थित प्लॉट 13 लाख रुपये में खरीदा था। इस सौदे की 1 मार्च 2016 को विधिवत रजिस्ट्री भी कराई गई थी।
सालों बाद सामने आई धोखाधड़ी
करीब 9 साल बाद, 10 अगस्त 2025 को जब पीड़ित प्लॉट पर पहुंचे, तब वहां किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा होने की बात सामने आई। इस घटना के बाद पूरे मामले की सच्चाई उजागर हुई।
पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज
पीड़ित भास्कर बारापात्रे की शिकायत के आधार पर बेलतरोड़ी पुलिस ने आरोपी अमोल मधुकर मोकाशी (रचना सोसायटी, मनीषनगर) और आरोपी ममता विनायकराव रायदास (चंद्रमणीनगर, अजनी) के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका तथा अन्य संभावित कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रॉपर्टी खरीदते समय दस्तावेजों की पूरी जांच और सत्यापन बेहद जरूरी है, अन्यथा बड़ी आर्थिक हानि हो सकती है।

