नागपुर: शहर में एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक विवाहित शिक्षिका के साथ दुष्कर्म किए जाने का खुलासा हुआ है। इस मामले में जरीपटका पुलिस स्टेशन में आरोपी युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आरोपी और पीड़िता की पहचान
इस मामले में आरोपी की पहचान ऋषिकेश उर्फ बॉबी रोहिदास मेश्राम (उम्र 23 वर्ष, निवासी लष्करीबाग, जरीपटका) के रूप में हुई है। वहीं पीड़िता 44 वर्षीय विवाहित महिला है, जो पेशे से शिक्षिका है।
पुरानी पहचान का उठाया फायदा
पुलिस जांच के अनुसार, साल 2014 में दोनों एक निजी शैक्षणिक संस्थान में साथ काम करते थे, उसी दौरान दोनों के बीच पहचान हुई थी। आरोपी ने इस पुराने परिचय का फायदा उठाकर पीड़िता का विश्वास जीता।
नौकरी का झांसा देकर 8 लाख की ठगी
पीड़िता की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण आरोपी ने उसे भारतीय रेलवे में नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन दिया। इस बहाने उसने पीड़िता से 8 लाख रुपये ऐंठ लिए। भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने उसे रेलवे का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया।
फर्जीवाड़ा उजागर होने पर मांगे पैसे
कुछ समय बाद जब पीड़िता को नियुक्ति पत्र फर्जी होने का पता चला, तो उसने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे। इसके बाद आरोपी ने उसे बातचीत के बहाने बुलाया।
लॉज में बुलाकर धमकी और दुष्कर्म
आरोपी ने पीड़िता को एक लॉज में बुलाया, जहां उसने जान से मारने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इसी धमकी और ब्लैकमेल के दबाव में उसने पीड़िता के साथ जबरन दुष्कर्म किया।
पुलिस में शिकायत, जांच जारी
लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़िता ने अंततः जरीपटका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना दर्शाती है कि नौकरी के नाम पर ठगी और महिलाओं के खिलाफ अपराध किस तरह बढ़ रहे हैं, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध प्रस्ताव से बचने की जरूरत है।

