डब्ल्यूसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर 31 लाख रुपये की ठगी, तीन आरोपियों पर मामला दर्ज

नौकरी का झांसा देकर दो लोगों से ऐंठी बड़ी रकम

नागपुर : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो लोगों से कुल 31 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में मानकापुर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

खुद को डब्ल्यूसीएल का प्रबंधक बताकर रची साजिश

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पुलिस के अनुसार, शिवनगर, झिंगाबाई टाकली निवासी गोवर्धन भोजराज वरठी (56) को आरोपी अजित जिन्ना (35), वैभव सुरजुसे (26) और अमोल जिराफे (26) ने उनकी बेटी को डब्ल्यूसीएल में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।

आरोपी अजित जिन्ना ने स्वयं को डब्ल्यूसीएल जरीपटका कार्यालय का प्रबंधक बताकर विश्वास हासिल किया। आरोपियों के कहने पर गोवर्धन वरठी ने आरटीजीएस और फोनपे के माध्यम से कुल 17 लाख रुपये उनके खातों में जमा किए।

नियुक्ति पत्र नहीं मिलने पर खुली पोल

काफी समय बीत जाने के बावजूद जब नौकरी का नियुक्ति पत्र नहीं मिला, तब शिकायतकर्ता को संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने डब्ल्यूसीएल के जरीपटका कार्यालय में जानकारी ली।

जांच में पता चला कि जिस व्यक्ति ने खुद को अधिकारी बताया था, वह कोई प्रबंधक नहीं बल्कि सुरक्षा रक्षक है। इसके बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

एक अन्य युवक से भी 14 लाख रुपये की ठगी

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पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने इसी तरह शुभम मरगदे के छोटे भाई को डब्ल्यूसीएल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14 लाख रुपये वसूले थे।

दोनों मामलों में आरोपियों ने मिलकर कुल 31 लाख रुपये की ठगी की।

फर्जी अधिकारी बनकर घर पहुंचा आरोपी

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी अमोल जिराफे शिकायतकर्ता के घर पहुंचा था और खुद को डब्ल्यूसीएल का अधिकारी बताकर दस्तावेजों की जांच का नाटक किया।

वहीं, आरोपी वैभव सुरजुसे ने कार्यालय की मुहर और हस्ताक्षर लगे हुए चिकित्सा परीक्षण संबंधी फर्जी दस्तावेज शिकायतकर्ता को सौंपे थे। आरोपियों की बातों पर विश्वास कर शिकायतकर्ता ने अपनी बेटी की मेडिकल जांच भी करवा ली थी।

मानकापुर पुलिस ने दर्ज किया मामला

मामले का खुलासा होने के बाद गोवर्धन वरठी ने मानकापुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बेरोजगार युवाओं को निशाना बना रहे ठग

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यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और उनके परिवारों को ठग गिरोह निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी या निजी नौकरी के लिए धनराशि मांगने वालों पर भरोसा करने से पहले संबंधित संस्थान से पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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