नागपुर में पड़ रही भीषण गर्मी (Heatwave) के बीच पुलिस ने जरूरतमंद और असहाय लोगों की सुरक्षा के लिए ‘मिशन मुक्ति-03’ को और तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा चुकी है, जिससे यह पहल शहर में राहत की बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है।
नागपुर इस समय देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल है और हाल के दिनों में हीटवेव से कई मौतें भी सामने आई हैं, जिसके चलते पुलिस ने इस अभियान को और व्यापक रूप दिया है।
अभियान का उद्देश्य और शुरुआत
नागपुर पुलिस ने यह अभियान मार्च 2025 में शुरू किया था, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क पर रहने वाले, बुजुर्ग और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को बचाना और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना है।
अब तक 482 लोगों की जान बचाई
मिशन के पहले दो चरणों में पुलिस ने 482 से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई है। यह आंकड़ा इस अभियान की सफलता और प्रभाव को दर्शाता है।
हीटवेव से बढ़ा खतरा
नागपुर में लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक और गर्मी से मौतों का खतरा तेजी से बढ़ा है, हाल ही में कई मौतों की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है।
मिशन मुक्ति-03 की खास रणनीति
तीसरे चरण यानी मिशन मुक्ति-03 में पुलिस ने
- ज्यादा संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई है
- असहाय लोगों की पहचान कर तुरंत मदद पहुंचाई जा रही है
- उन्हें शेल्टर होम, अस्पताल और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है
मानवीय पहल बनी मिसाल
यह अभियान सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि मानवता की मिसाल भी बन रहा है, जिसमें पुलिस ‘रिस्क्यू और रिहैबिलिटेशन’ दोनों पर फोकस कर रही है।
नागपुर पुलिस का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब भीषण गर्मी आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है, और इस पहल से कई जिंदगियां बचाई जा रही हैं।

