पुणे: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे एक बार फिर शर्मसार हुई है। अभी नसरापुर की घटना की स्याही सूखी भी नहीं थी कि पुणे के पर्वती पायथा इलाके से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी ही 9 साल की पोती के साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। हालांकि, पड़ोसियों की सतर्कता की वजह से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार शाम की है। बच्ची के माता-पिता काम के सिलसिले में घर से बाहर गए थे, जिसका फायदा उठाकर आरोपी दादा ने मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। घर के अंदर से बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर पास ही रहने वाले एक पड़ोसी को शक हुआ। जब उसने दरवाजे की दरार से अंदर झांका, तो उसे आरोपी की घिनौनी करतूत दिखाई दी।
भीड़ का गुस्सा और पुलिस की कार्रवाई
पड़ोसी के शोर मचाने पर इलाके के लोग इकट्ठा हो गए। भीड़ को देख आरोपी घबरा गया और उसने खुद को अंदर बंद कर लिया। इस दौरान उसने बच्ची को घर के मचान (पोटमाली) में छिपा दिया ताकि वह पकड़ा न जाए। हालांकि, लोगों के दबाव के बाद जब दरवाजा खुला, तो उग्र भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में लिया। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव देखा गया, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रमुख बिंदु:
- आरोपी: 50 वर्षीय दादा (पुलिस हिरासत में)।
- पीड़िता: 9 वर्षीय मासूम बच्ची (मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजी गई)।
- धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO (पॉक्सो) एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
- पुलिस प्रशासन: अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजेश बनसोडे और डीसीपी मिलिंद मोहिते ने घटनास्थल का दौरा किया और नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
इलाके में आक्रोश
इस घटना ने पुणे में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

