नागपुर जिले के भिवापुर तालुका स्थित धामणगांव गांव में लगी भीषण आग के बाद अब सरकार एक्शन मोड में आ गई है। इस हादसे में कई परिवारों के घर जलकर खाक हो गए, जिसके बाद राज्य के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और तत्काल राहत देने की घोषणा की।
हर प्रभावित परिवार को 2.5 लाख रुपये की सहायता
धामणगांव अग्निकांड में घर गंवाने वाले प्रत्येक परिवार को घर निर्माण के लिए 2.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह राशि खनिकर्म महामंडल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
तुरंत 23 हजार रुपये और मुफ्त राहत सामग्री
सरकार ने पीड़ित परिवारों को तत्काल 23,000 रुपये की आर्थिक मदद देने का भी ऐलान किया है। इसके साथ ही एक महीने का राशन, आवश्यक सामग्री और मुफ्त रेत भी दी जाएगी ताकि लोग अपने घर फिर से बना सकें।
नुकसान के आधार पर अलग-अलग मुआवजा
प्रशासन ने नुकसान के अनुसार अतिरिक्त मुआवजा देने की योजना बनाई है
- 100% नुकसान पर 1 लाख रुपये
- 75% नुकसान पर 75 हजार रुपये
- 50% नुकसान पर 50 हजार रुपये
इससे प्रभावित परिवारों को राहत देने की कोशिश की जा रही है।
CSR फंड और मंदिर ट्रस्ट से भी मदद
सरकार के अलावा कोराडी महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान से 20 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं MIDC कंपनियों के CSR फंड से भी मदद जुटाने की तैयारी चल रही है।
जले दस्तावेजों और छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था
आग में जिन लोगों के जरूरी कागजात जल गए हैं, उनके लिए विशेष कैंप लगाकर दस्तावेज दोबारा बनाए जाएंगे। साथ ही छात्रों को किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।
पशुओं और अस्थायी रहने की भी व्यवस्था
जिन परिवारों के पशु मारे गए या घायल हुए हैं, उनके लिए अलग से सहायता दी जाएगी। इसके अलावा जब तक घर नहीं बनते, तब तक पीड़ितों के लिए अस्थायी रहने की व्यवस्था भी की जा रही है।
आग का कारण और सरकार की सख्ती
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह आग खेत में लगाई गई आग (वणवा) के कारण फैली। इसके बाद सरकार अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून लाने पर विचार कर रही है।
यह पूरा मामला नागपुर के लिए बड़ा हादसा साबित हुआ है, लेकिन सरकार की ओर से उठाए गए इन कदमों से उम्मीद है कि प्रभावित परिवार जल्द ही अपने जीवन को फिर से पटरी पर ला सकेंगे।

