उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के उरुवा इलाके में एक 9 वर्षीय बच्ची को खांसी-सर्दी की शिकायत पर उसके माता-पिता ने रविवार शाम लगभग 4 बजे स्थानीय मेडिकल स्टोर में इलाज के लिए ले जाया था। वहां के स्टोर संचालक ने उसे इंजेक्शन लगा दिया, बाद में बच्ची बुरी तरह से अस्वस्थ होकर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। मेडिकल स्टोर संचालक घटना के बाद दुकान बंद कर फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।
• मृतका का विवरण:
बच्ची का नाम दिव्या था और वह बांसगांव थाना इलाके के मसुरिया गांव की निवासी थी। बच्ची हल्की खांसी और बुखार के लक्षणों से पीड़ित थी जब उसकी मां ने उसे मेडिकल स्टोर पर इलाज के लिए ले जाया था।
• आरोप एवं पुलिस कार्रवाई:
बच्ची की मां शशिकला ने पुलिस को बताया कि स्टोर संचालक ने तुरंत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी बेटी की हालत गंभीर रूप से बिगड़ गई। इसके बाद आरोपी दुकान बंद कर भाग गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के असली कारण का पता चलेगा।
• चिकित्सा और वैधानिक बिंदु:
मेडिकल स्टोर मात्र दवाइयाँ बेचने के लिए लाइसेंस प्राप्त होते हैं, उन्हें इंजेक्शन लगाने या चिकित्सीय उपचार प्रदान करने का अधिकार नहीं होता है। स्वास्थ्य अधिकारी ने इस बात को गंभीर बताया है और आगे की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है।
• निष्कर्ष:
यह घटना स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अनुशासन की अनदेखी का गंभीर उदाहरण है, जहाँ बिना योग्य चिकित्सा पेशेवर के खुराक देने की कोशिश ने एक मासूम की जान ले ली। पुलिस की जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की उम्मीद है।

