नागपुर में 300 करोड़ का साइक्लोट्रॉन प्रोजेक्ट: कैंसर इलाज में आएगी क्रांति, PET-CT होगा सस्ता और आसान

नागपुर और पूरे मध्य भारत के कैंसर मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से हाई-एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रॉन प्रोजेक्ट (HEMCP) को मंजूरी दे दी है, जिससे कैंसर के निदान और उपचार में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

सरकार की बड़ी मंजूरी, 300 करोड़ का प्रोजेक्ट

  • Save

महाराष्ट्र कैबिनेट ने नागपुर में हाई-एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रॉन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल लागत 300 करोड़ रुपये तय की गई है, जिसमें खर्च मेडिकल एजुकेशन और इंडस्ट्री विभाग द्वारा 50:50 अनुपात में वहन किया जाएगा।

कैंसर मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा

इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य कैंसर मरीजों के लिए PET-CT स्कैन और न्यूक्लियर मेडिसिन सेवाओं को मजबूत करना है।

  • मरीजों को अब रेडियोआइसोटोप्स (Radioisotopes) स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगे
  • इलाज और जांच की प्रक्रिया होगी तेज और सटीक
  • बाहर के शहरों पर निर्भरता होगी कम

नागपुर बनेगा रेडियो-फार्मास्यूटिकल हब

  • Save

इस प्रोजेक्ट के बाद नागपुर को मध्य भारत का “Radiopharmaceutical Innovation Hub” बनाने की योजना है।

  • इससे मेडिकल रिसर्च को भी मिलेगा बढ़ावा
  • नई तकनीकों के जरिए कैंसर के इलाज में आएगा सुधार

मुंबई-हैदराबाद पर निर्भरता होगी खत्म

अब तक कैंसर जांच के लिए जरूरी रेडियोआइसोटोप्स के लिए मरीजों को मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था।
इस प्रोजेक्ट के बाद:

  • स्थानीय स्तर पर सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी
  • इलाज में देरी और खर्च दोनों कम होंगे

500 किलोमीटर तक के मरीजों को मिलेगा लाभ

नागपुर की केंद्रीय लोकेशन के कारण इस प्रोजेक्ट का फायदा करीब 500 किमी के दायरे में आने वाले राज्यों को मिलेगा, जिनमें शामिल हैं:

  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • तेलंगाना
  • आंध्र प्रदेश

कहां बनेगा यह प्रोजेक्ट

  • Save

इस साइक्लोट्रॉन प्रोजेक्ट के लिए हिंगणा तालुका के भंसोली (किन्ही) क्षेत्र में करीब 30 हेक्टेयर जमीन निर्धारित की गई है, जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्र तैयार किया जाएगा।

AIIMS और NCI की मौजूदगी से मिलेगा फायदा

नागपुर में पहले से ही AIIMS, नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) और सरकारी मेडिकल कॉलेज जैसी संस्थाएं मौजूद हैं, जिससे यह शहर इस प्रोजेक्ट के लिए आदर्श केंद्र माना जा रहा है।

क्या है साइक्लोट्रॉन और क्यों है जरूरी

साइक्लोट्रॉन एक अत्याधुनिक मशीन होती है, जो रेडियोआइसोटोप्स तैयार करती है, जिनका उपयोग:

  • PET-CT स्कैन में होता है
  • कैंसर की सटीक पहचान में मदद मिलती है
  • मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल पाता है

इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद नागपुर न केवल कैंसर उपचार का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि पूरे देश में मेडिकल टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share via
Copy link