नागपुर जिले के देवलापार क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पांच दिनों से लापता एक युवक को आखिरकार जंगल से जीवित बरामद किया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में राहत और आश्चर्य का माहौल देखने को मिला।
अरुण राधेश्याम ताडुलकर (32, निवासी बेलदा, तहसील रामटेक) 1 अप्रैल की सुबह घर से निकले थे, लेकिन उसके बाद वे वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश के बाद पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
करीब पांच दिन की कड़ी मेहनत के बाद 5 अप्रैल की शाम को सर्च टीम को सफलता मिली, जब अरुण को घने जंगल के अंदर एक पेड़ के नीचे बैठे हुए जिंदा पाया गया। उस समय वह बेहद कमजोर, भूखा और थका हुआ था, लेकिन होश में था।
उसे तुरंत बाहर निकालकर देवलापार के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। इस खबर के बाद परिवार वालों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।
घटना का पूरा घटनाक्रम
अरुण 1 अप्रैल को घर से निकले और अचानक लापता हो गए, जिसके बाद परिवार ने हर संभव जगह तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला, अंततः पुलिस में शिकायत दर्ज की गई।
पांच दिन तक बिना भोजन के संघर्ष
अरुण ने पूरे पांच दिन बिना किसी भोजन के जंगल में बिताए, इस दौरान उसने भूख, थकान, अंधेरा और जंगली जानवरों के खतरे का सामना किया।
जंगल के अंदर इस हालत में मिला युवक
सर्च टीम को अरुण जंगल के गहरे इलाके में एक पेड़ के नीचे बैठा मिला, वह बेहद कमजोर था लेकिन उसकी मानसिक स्थिति सामान्य थी।
पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर लगातार पांच दिनों तक खोज अभियान चलाया, जिसकी वजह से युवक की जान बच सकी।
परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल
युवक के सुरक्षित मिलने से परिवार सहित पूरे इलाके में खुशी और राहत का माहौल है, वहीं उसकी हिम्मत और जज्बे की जमकर सराहना की जा रही है।

