नागपुर : घरफोड़ की वारदात में 84 तोला सोना और करीब पौने दो लाख रुपये नकद हाथ लगने के बाद चोरों ने जमकर ऐश की। चोरी के माल का हिस्सा मिलने के बाद किसी ने प्लॉट खरीदा, तो किसी ने फ्लैट खरीद लिया। कुछ आरोपियों ने महंगी और विलासिता की वस्तुएं खरीदीं तथा चोरी के पैसों से घूमने-फिरने में भी रकम खर्च की। हालांकि करीब पांच महीने तक ऐश करने के बाद आखिरकार पुलिस ने पूरी टोली को पकड़ लिया।
सेवानिवृत्त अधिकारी के बंद मकान को बनाया निशाना
मामला कपिलनगर थाना क्षेत्र का है। केंद्र सरकार से सेवानिवृत्त महेश मोटवानी के मकान पर लंबे समय से ताला लगा होने की जानकारी मिलने के बाद पांच आरोपियों की टोली ने 3 मार्च से 1 अप्रैल के बीच घरफोड़ की वारदात को अंजाम दिया।
84 तोला सोना और नकदी चोरी
आरोपियों ने मकान से 84 तोला सोना, जिसकी वर्तमान कीमत करीब सवा करोड़ रुपये बताई गई है, और पौने दो लाख रुपये नकद चोरी किए। आपस में हिस्सा बांटने के बाद प्रत्येक आरोपी के हिस्से में 25 लाख रुपये से अधिक की रकम आई।
चोरी के पैसों से खरीदे प्लॉट और फ्लैट
चोरी के बाद कई महीनों तक पुलिस का सुराग नहीं मिलने से आरोपी बेफिक्र हो गए। जांच में सामने आया कि संगीता राहुल करवाड़े और उसके बेटे किशोर ने प्लॉट खरीदा, जबकि फरदीन राजीक शेख ने फ्लैट खरीदा। अन्य आरोपियों ने भी चोरी की रकम से महंगी वस्तुएं खरीदीं और घूमने-फिरने में पैसा खर्च किया।
अचानक बदली जीवनशैली से मिला पुलिस को सुराग
जांच के दौरान पुलिस के सामने यह बात आई कि कुछ लोग अचानक महंगी वस्तुओं की खरीदारी करने लगे हैं। कुछ समय पहले तक सामान्य जीवन जीने वाले आरोपियों के पास अचानक बड़ी रकम आने की जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई। इसके बाद अपराध शाखा की यूनिट क्रमांक 6 ने जांच तेज कर दी।
पांच आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा
जांच के बाद पुलिस ने संगीता राहुल करवाड़े, उसके बेटे किशोर, आर्यन राधेश्याम मेश्राम, संतोष शंकरलाल धनगरे और फरदीन राजीक शेख को हिरासत में लिया। आरोपियों के पास से चोरी का सोना, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया है।
पांच महीने की ऐश के बाद पहुंच गए जेल
आरोपियों ने चोरी की रकम से करीब पांच महीने तक ऐशोआराम किया, लेकिन पुलिस की जांच के बाद उनका यह दौर समाप्त हो गया। महिला आरोपी को छोड़कर अन्य आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।

