नागपुर: शहर में पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों की परेशानी एक बार फिर बढ़ने वाली है। पिछले जलापूर्ति बंद रहने के दौरान कई इलाकों में लगातार चार दिन तक नलों से पानी नहीं आया था। अब 13 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 14 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक 24 घंटे पानी की आपूर्ति बंद रहेगी। इससे शहर की 500 से अधिक बस्तियों के प्रभावित होने की आशंका है।
पिछली बार 36 घंटे के लिए घोषित पानी की कटौती बढ़कर करीब 72 घंटे तक पहुंच गई थी। इसके कारण लोगों को पीने के पानी के लिए सार्वजनिक नलों, कुओं और पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ा था। ऐसे में नागरिकों के मन में सवाल है कि इस बार तय समय पर पानी की आपूर्ति शुरू होगी या उन्हें फिर परेशानी झेलनी पड़ेगी।
विश्व बैंक परियोजना के काम में देरी से बढ़ी परेशानी
पेंच-4 जलशुद्धीकरण केंद्र में काम के लिए पिछली बार 36 घंटे की जलापूर्ति बंद रखी गई थी। लेकिन विश्व बैंक परियोजना के तहत चल रहे काम तय समय पर पूरे नहीं हो सके। इसके कारण पानी की आपूर्ति दोबारा शुरू होने में देरी हुई।
6 अक्टूबर को आपूर्ति बहाल होने की घोषणा के बाद भी कुछ इलाकों में पानी कम दबाव से आने की शिकायतें सामने आई थीं। इस वजह से कई परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में काफी परेशानी हुई।
500 से अधिक बस्तियों पर पड़ेगा असर
नई जलापूर्ति कटौती के कारण शहर की 500 से अधिक बस्तियों के लोगों को पहले से पानी जमा करके रखना पड़ेगा। घर के कामकाज, बच्चों और बुजुर्गों की जरूरतों को पूरा करने के लिए लोगों को पानी का सावधानी से इस्तेमाल करना होगा।
दक्षिण नागपुर की कुछ बस्तियों में पानी के टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति की जाती है। हालांकि, पिछली कटौती के दौरान टैंकरों के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आई थीं।
इन जलकुंभों से जुड़े इलाकों में बंद रहेगी जलापूर्ति
13 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 14 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक निम्नलिखित जलकुंभों से जुड़े क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित रहेगी।
- नारा, नारा एनटीआई और नारी
- अमृत नारी-1 और अमृत नारी-2
- जरीपटका और धंतोली
- लक्ष्मी नगर नया और श्री नगर
- नालंदा नगर
- ओंकार नगर एग्जिट और ओंकार नगर प्रस्तावित
- अमृत ओंकार नगर और अमृत डबल डेकर
- हुडकेश्वर
- सक्करदरा-1, सक्करदरा-2 और सक्करदरा-3
- अमृत बीडीपेठ और अमृत बालाजी
- हुडकेश्वर और नरसाला के ग्रामीण क्षेत्र
समय पर पानी की आपूर्ति शुरू होगी या नहीं?
पिछली बार घोषित समय से अधिक समय तक पानी की कटौती होने के कारण नागरिकों में नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि जब पिछली बार काम पूरा करने में अतिरिक्त समय लगा था, तो इस बार ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या तैयारी की गई है।
नागरिकों की मांग है कि प्रशासन काम की स्थिति और जलापूर्ति बहाल करने की समयसीमा के बारे में स्पष्ट जानकारी दे। साथ ही, काम तय समय में पूरा कर पानी की आपूर्ति जल्द से जल्द शुरू की जाए।
पानी के लिए परेशान लोग, जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी
पेंच-4 जलवाहिनी की मरम्मत में देरी के कारण लोगों को लगातार चार दिन तक पानी के लिए भटकना पड़ा। इस दौरान नागरिकों ने आरोप लगाया कि मदद के लिए संपर्क करने पर कई नगरसेवकों के फोन बंद थे, जबकि कुछ ने मिलने से परहेज किया।
लोगों का कहना है कि संकट के समय जनप्रतिनिधियों को आगे आकर उनकी मदद करनी चाहिए थी। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी परेशानी से बचने के लिए बेहतर योजना बनाई जाए।
प्रशासन के सामने समय पर आपूर्ति बहाल करने की चुनौती
बार-बार पानी की कटौती से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में संबंधित विभागों के सामने सबसे बड़ी चुनौती निर्धारित समय में काम पूरा कर जलापूर्ति बहाल करने की है। नागरिकों को उम्मीद है कि इस बार घोषित समयसीमा का पालन किया जाएगा और उन्हें फिर कई दिनों तक पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

