नागपुर : प्रतिष्ठित नौकरी और मोटी तनख्वाह का लालच देकर पहले युवतियों से लाखों रुपये ऐंठने और बाद में उन्हें विदेश ले जाकर बेचने वाले मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह के चार सदस्य पुणे के बताए जा रहे हैं, जबकि चार अन्य सदस्य पुर्तगाल में सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है।
नागपुर की युवती से 11 लाख रुपये ठगे
बेलतरोड़ी निवासी ‘निर्भया’ (28, बदला हुआ नाम) उच्चशिक्षित और महत्वाकांक्षी है। विदेश में अच्छी नौकरी मिलने के झांसे में आकर उसने प्रतिमा भाटी और उसके साथियों को कुल 11 लाख रुपये दिए। नौकरी मिलने की उम्मीद में वह 11 मई 2026 को स्पेन के रास्ते पुर्तगाल पहुंची।
नौकरी के बजाय जबरन कराया गया घरेलू काम
पुर्तगाल पहुंचने के बाद युवती के सपने चकनाचूर हो गए। उसे नौकरी देने के बजाय एक पंजाबी व्यक्ति के घर सफाई का काम करने के लिए मजबूर किया गया। वहां राजस्थान और हरियाणा की दो अन्य युवतियां भी मौजूद थीं। उनके साथ भी कथित तौर पर इसी तरह धोखाधड़ी कर उन्हें पुर्तगाल लाया गया था।
वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करने का आरोप
पीड़ित युवतियों के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें वेश्यावृत्ति और अन्य जबरन काम करने के लिए मजबूर किया। विरोध करने पर उन्हें एक जगह बंद कर दिया जाता था और खाना तक नहीं दिया जाता था। पासपोर्ट भी आरोपियों द्वारा अपने कब्जे में ले लिए जाते थे। मजबूरी में पीड़ितों को आरोपियों के निर्देशों पर काम करना पड़ता था।
50 दिन तक झेली यातनाएं, फिर खुद रची फरारी की योजना
नागपुर की युवती ने करीब 50 दिनों तक नरक जैसी परिस्थितियों का सामना किया। इसके बाद उसने 29 जून की सुबह करीब 3 बजे वहां से भाग निकलने की योजना को अंजाम दिया। वह बस से जांबूजिरा पहुंची और वहां से लिस्बन तथा मैड्रिड पहुंची।
बस स्टॉप पर रात गुजारी, फिर दिल्ली पहुंची
मैड्रिड पहुंचने के बाद युवती ने एक रात बस स्टॉप पर बिताई। 30 जून की रात वह स्पेन के एक छात्रावास में रुकी। इसके बाद उसने मैड्रिड से दोहा और दोहा से दिल्ली की उड़ान लेकर भारत वापसी की। इस पूरे सफर के दौरान वह अपने पति के लगातार संपर्क में रही। पति पहले से दिल्ली में उसका इंतजार कर रहे थे। दोनों 1 जुलाई को नागपुर पहुंचे।
पुणे पुलिस की जांच में सामने आ सकता है बड़ा नेटवर्क
भारत लौटने के बाद युवती ने पुलिस से शिकायत करने का साहस दिखाया। अब वह पुणे पुलिस की जांच में सहयोग कर रही है, जिससे विदेश में नौकरी के नाम पर शिक्षित युवक-युवतियों की कथित मानव तस्करी करने वाले गिरोह का पूरा नेटवर्क सामने आने की उम्मीद है।
200 से अधिक लोगों को विदेशों में बेचने का संदेह
जांच में यह आशंका सामने आई है कि गिरोह ने अब तक जापान, इटली, अरब देशों और रूस समेत विभिन्न स्थानों से 200 से अधिक युवक-युवतियों को स्पेन, पुर्तगाल और नीदरलैंड में बेचने का काम किया हो सकता है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गिरोह के सदस्य पुणे और पुर्तगाल में सक्रिय
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस मानव तस्करी गिरोह के चार सदस्य पुणे में और चार सदस्य पुर्तगाल में सक्रिय हैं। गिरोह नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर युवाओं को अपने जाल में फंसाता था और उनसे लाखों रुपये लेने के बाद विदेश भेज देता था। वहां पहुंचने के बाद पीड़ितों के साथ कथित तौर पर जबरन काम और शोषण किया जाता था।

